बिसौली | डी पॉल स्कूल में प्रबंधक फादर डॉ. मार्टिन बीसी की अध्यक्षता में विद्यार्थियों के लिए ताइक्वांडो प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। यह प्रशिक्षण केरल से आए प्रशिक्षक रोमियो रेजिमोन द्वारा प्रदान किया जा रहा है।
विद्यालय प्रबंधन के अनुसार ताइक्वांडो न केवल आत्मरक्षा की कला है, बल्कि यह शारीरिक, मानसिक और नैतिक विकास का माध्यम भी है। 20वीं सदी की शुरुआत में कोरिया में विकसित यह खेल आज ओलंपिक में भी शामिल है और विश्वभर में लोकप्रिय है।
प्रशिक्षक ने बताया कि ताइक्वांडो बच्चों के सर्वांगीण विकास में सहायक है। इससे स्टैमिना और लचीलापन बढ़ता है, मांसपेशियां मजबूत होती हैं तथा आत्मरक्षा कौशल विकसित होता है। साथ ही मानसिक एकाग्रता, आत्मविश्वास और अनुशासन में भी वृद्धि होती है।
विद्यालय प्रशासन का मानना है कि नियमित ताइक्वांडो अभ्यास बच्चों के शारीिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के साथ-साथ उन्हें अनुशासित और आत्मनिर्भर बनने में भी मदद करता
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