संवाददाता: गोविंद देवल
बदायूँ। प्रदेश सरकार मीज़ल्स-रूबेला (Measles-Rubella) बीमारी के उन्मूलन के लिए प्रतिबद्ध है। इसके तहत मुख्य चिकित्सा अधिकारी, बदायूँ ने बताया कि महानिदेशक, परिवार कल्याण, उत्तर प्रदेश, लखनऊ के निर्देशानुसार 16 फरवरी 2026 से 27 फरवरी 2026 तक जनपद के सभी सरकारी एवं प्राइवेट शिक्षण संस्थानों (स्कूल, मदरसे इत्यादि) में कक्षा-1 से कक्षा-5 तक के सभी बच्चों को एमआर (MR) वैक्सीन की खुराक दी जाएगी।
अभियान के दौरान चार से छह “नोन्-आरआई” दिवसों (बुधवार, शनिवार और रविवार को छोड़कर) में बच्चों का टीकाकरण किया जाएगा। इसके लिए स्कूलों के प्रधानाध्यापक/प्रबंधक, खंड शिक्षा अधिकारी, सीडीपीओ और अन्य संबंधित अधिकारियों से पूर्ण सहयोग का आग्रह किया गया है।
मीज़ल्स-रूबेला के लक्षण और सावधानियां
शुरुआत में बच्चों को बुखार आता है।
बुखार के 4-5 दिन बाद शरीर पर लाल चकत्ते दिखाई देने लगते हैं।
इसके साथ नाक बहना, खांसी और आंख लाल होना जैसी लक्षण भी हो सकते हैं।
बीमारी ठीक होने के बाद भी 28 दिन तक बच्चों में निमोनिया और डायरिया जैसी जटिलताएँ हो सकती हैं, जिससे मृत्यु का खतरा भी होता है।
टीकाकरण का महत्व
राष्ट्रीय नियमित टीकाकरण सारणी के अनुसार 9 माह की आयु पर और 16 से 23 माह के बीच बच्चों को मीज़ल्स-रूबेला की दो खुराक दी जाती है।
5 साल तक सभी बच्चों को दोनों खुराक मिलने से इस बीमारी का उन्मूलन संभव है।
पिछले वर्ष और वर्तमान समय में पाए गए केसों में अधिकतर 5 से 10 वर्ष की आयु के बच्चे शामिल हैं। ऐसे बच्चों को अतिरिक्त खुराक देना आवश्यक है।
कार्रवाई
स्कूलों में सत्र आयोजित कर बच्चों को वैक्सीन दी जाएगी।
अगर किसी बच्चे को बुखार के साथ लाल दाने दिखाई दें तो इसकी सूचना जिला प्रतिरक्षण अधिकारी, जिला सर्विलांस अधिकारी और समस्त प्रभारी चिकित्सा अधिकारियों को तुरंत दी जाए।
बच्चों की सुरक्षा और समुदाय में संक्रमण रोकने के लिए विभाग त्वरित कदम उठाएगा।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने समस्त विद्यालयों, मदरसों, ग्राम प्रधान और कोटेदार से अनुरोध किया है कि वे स्कूल आधारित एमआर अभियान को सफल बनाने में पूर्ण सहयोग करें।
Budaun Amarprabhat