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टीएमयू हॉस्पिटल की जटिल सर्जरी में बड़ी कामयाबी, 5.4 किग्रा की निकाली रसौली

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मुरादाबाद। डॉक्टर को यूं ही भगवान का दर्जा नहीं मिला है। संभल के सरायतरीन की पूनम देवी और उनके परिजनों से पूछें तो वे बेहिचक स्वीकारेंगे, हां सचमुच डॉक्टर ईश्वर की मानिंद होता है। टीएमयू हॉस्पिटल में ऐसा ही दुर्लभतम केस आया और महिला रोग विभाग के अनुभवी डॉक्टरों की टीम ने इसमें बड़ी कामयाबी हासिल की। डॉक्टरों की इस टीम ने न केवल पहली बार संतान पाने के सुख का सपना संजोए इस महिला की सेफ डिलीवरी कराई, बल्कि 05 किलो 390 ग्राम की रसौली को भी ऑपरेट करके जच्चा की झोली खुशियों से भर दी है। टीएमयू हॉस्पिटल के गायनेकोलॉजी डिपार्टमेंट ने एक बार फिर अपनी काबिलियत का लोहा मनवाया है। दरअसल स्त्री रोग विशेषज्ञों की टीम के सामने इस केस में बच्चेदानी और अंडेदानी को सुरक्षित बचाना भी बडी चुनौती रहा। डॉक्टर्स ने पेशेंट के पेट में बच्चे संग तेजी से बढ़ रही रसौली को डिलीवरी के बाद ऑपरेट करने का अहम फैसला लिया। इसी बीच डिलीवरी का भी समय हो गया। ऑपरेशन के जरिए पेशेंट पूनम ने 2.3 किलो के मेल बेबी को जन्म तो दिया, लेकिन डॉक्टरों की टीम जच्चा-बच्चा और रसौली पर नज़र रही।

लेकिन यह देखकर डॉक्टरों की टीम चिंतित हो गई कि पूनम की बच्चादानी सिकुड रही है। रसौली अब शरीर के दूसरे अंगों से पोषित हो रही थी। इसे भी डॉक्टर्स ने खतरे की घंटी माना। रसौली को बाहर नहीं निकाला गया तो पेशेंट के शरीर में इन्फेक्शन बढ़ने से जान भी जा सकती है। इस टीम ने रसौली को ऑपरेट करने का फैसला लिया। ऐसे में डॉक्टर्स ने करीब तीन घंटे चले ऑपरेशन के बाद 5.4 किलो की रसौली को सुरक्षित बाहर निकाला। अब पेशेंट पूरी तरह स्वस्थ है। संभल के सरायतरीन निवासी 29 वर्षीय गर्भवती श्रीमती पूनम देवी के सात माह बाद पेट में दर्द रहने लगा और पेट का साइज भी असामान्य हो गया। जब दर्द अधिक बड़ा तो परिवार वाले पूनम को टीएमयू हॉस्पिटल में लेकर आए। टीएमयू में जब डॉक्टर्स ने पूनम का अल्ट्रासाउंड किया तो पता चला पूनम के पेट में बच्चे के संग-संग करीब 25 सेमी×30 सेमी की रसौली भी पल रही थी। रसौली के कारण ही पेशेंट के पेट में दर्द और साइज बढ़ रहा था। बच्चे को भी पूरा पोषण नहीं मिल रहा था। ऐसे में डॉक्टर्स ने परिवारवालों को सलाह दी कि आप समय-समय पर पेशेंट का चेकअप कराते रहें। डॉक्टर्स ने तय किया कि पहले बच्चे को जन्म देंगे। इसके बाद रसौली का ऑपरेशन किया जाएगा। ऑपरेशन करने वाली टीम में महिला रोग विभाग की (प्रो.) डॉ. आस्था लालवानी, डॉ. गरिमा वाजपेयी, डॉ. नेहा शरद, जनरल सर्जन डॉ. आर के कौल, एनस्थिसिया विभाग की डॉ. नदीम पल्ली नव्या एंड टीम, रेडियोलॉजी विभाग से (प्रो.) डॉ. श्रुति चंदक एंड टीम, ओटी टेक्निशियन फय्यूम अली, योगेन्द्र कुमार आदि शामिल रहे। उल्लेखनीय है, यह ऑपरेशन कैंप के तहत निशुल्क किया गया है। महिला रोग विभाग की एचओडी प्रो. मनप्रीत कौर ने ऑपरेशन करने वाली टीम को हार्दिक बधाई देते हुए कहा, टीएमयू हॉस्पिटल के महिला रोग विभाग की यह अद्वितीय उपलब्धि है।


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