बदायूं | संवाददाता गोविंद देवल
थाना उसहैत में वर्ष 2015 में दर्ज मु.अ.सं. 536/15 धारा 147, 148, 307, 323, 504 भादवि के मामले में न्यायालय ने चार आरोपियों को दोषी ठहराते हुए सख्त सजा सुनाई है। यह मामला ग्राम गढ़ियारामनगर थाना उसहैत से संबंधित था, जिसमें ब्रजराज, नक्षपाल, राजेश और जुगेन्द्र पुत्रगण श्यामलाल नामजद थे।
प्रकरण की विवेचना उपनिरीक्षक वी.एस. पौनियां द्वारा पूर्ण कर आरोप पत्र माननीय न्यायालय में प्रेषित किया गया था। इस अभियोग को पुलिस महानिदेशक, उ.प्र. द्वारा संचालित अभियान ‘ऑपरेशन कन्विक्शन’ के अंतर्गत चिन्हित किया गया। अभियोजन विभाग से समन्वय स्थापित कर मॉनीटरिंग सेल जनपद बदायूं एवं थाना उसहैत के पैरोकार हेड कांस्टेबल निशान्त द्वारा डीजे कोर्ट, बदायूं में प्रभावी पैरवी की गई।
सशक्त पैरवी के परिणामस्वरूप 25 फरवरी 2026 को माननीय डीजे कोर्ट, बदायूं ने चारों अभियुक्तों को दोषसिद्ध करार दिया। न्यायालय ने धारा 147 भादवि के तहत प्रत्येक को 2-2 वर्ष के सश्रम कारावास एवं 1000-1000 रुपये अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड अदा न करने पर 15-15 दिन का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
वहीं धारा 307 सहपठित धारा 149 भादवि के अंतर्गत प्रत्येक अभियुक्त को 10-10 वर्ष के सश्रम कारावास तथा 3000-3000 रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई गई। अर्थदंड अदा न करने पर एक-एक माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। धारा 504 भादवि में भी प्रत्येक को 2-2 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा दी गई है। सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी।
न्यायालय ने धारा 323 सहपठित धारा 149 भादवि के आरोप से अभियुक्तों को दोषमुक्त कर दिया। साथ ही आदेश दिया कि अभियुक्तों द्वारा जेल में बिताई गई अवधि सजा में समायोजित की जाएगी।
इस प्रकरण में प्रभावी पैरवी करने वाले पैरोकार हेड कांस्टेबल निशान्त, लोक अभियोजक श्री अनिल कुमार राठौर तथा विवेचक उपनिरीक्षक वी.एस. पौनियां की भूमिका सराहनीय रही।
Budaun Amarprabhat