बदायूं। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली एवं उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण लखनऊ के निर्देशों के अनुपालन में शनिवार को जनपद न्यायालय परिसर में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ माननीय जनपद न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष विवेक संगल ने मां सरस्वती की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर और दीप प्रज्वलित कर किया।
इस अवसर पर उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत को एक लोक कल्याणकारी पर्व के रूप में देखा जाना चाहिए, जहां पक्षकार आपसी सहमति से सस्ता और सुलभ न्याय प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने न्यायिक अधिकारियों और बैंक प्रतिनिधियों को अधिक से अधिक मामलों के निस्तारण के लिए बधाई भी दी। कार्यक्रम के दौरान दिव्यांगजन विभाग के सहयोग से दो दिव्यांगजनों को ट्राई साइकिल तथा दो लोगों को वैशाखी भी वितरित की गई।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव कोमल श्रीवास्तव ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से न्यायालयों में लंबित विवादों जैसे शमनीय आपराधिक वाद, एनआई एक्ट की धारा 138 से संबंधित मामले, मोटर दुर्घटना दावे, वैवाहिक एवं पारिवारिक विवाद, श्रम विवाद, भूमि अधिग्रहण, किरायेदारी, ट्रैफिक चालान, राजस्व वाद और विद्युत बिल संबंधी मामलों का निस्तारण किया जाता है।
राष्ट्रीय लोक अदालत में कुटुम्ब न्यायालय बदायूं द्वारा आपसी समझौते के आधार पर 98 पारिवारिक मामलों का निस्तारण किया गया। वहीं मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण द्वारा 71 मामलों का निस्तारण कर 4 करोड़ 88 लाख 39 हजार रुपये की क्षतिपूर्ति पीड़ितों को दिलाई गई। उपभोक्ता फोरम में 4 में से 1 मामले का निस्तारण कर 75,253 रुपये की क्षतिपूर्ति दिलाई गई, जबकि स्थायी लोक अदालत में 10 में से 4 मामलों का निस्तारण हुआ।
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय में 2052 मामलों का निपटारा किया गया। इसके अतिरिक्त प्री-लिटिगेशन के तहत विभिन्न बैंकों के 1257, भारत संचार निगम लिमिटेड के 9, राजस्व के 424, स्थानीय निकायों के 589 तथा अन्य श्रेणियों के 40,177 मामलों सहित कुल 42,456 मामलों का निस्तारण किया गया।
इस प्रकार न्यायालयों में लंबित 7,565 वादों सहित कुल 50,021 मामलों का निस्तारण कर राष्ट्रीय लोक अदालत को सफल बनाया गया। कार्यक्रम में जनपद न्यायालय के सभी न्यायिक अधिकारी, कर्मचारी, पराविधिक स्वयंसेवक तथा विभिन्न बैंकों के अधिकारी उपस्थित
Budaun Amarprabhat