
बदायूं। बहुजन आंदोलन के महानायक Kanshi Ram के 92वें जन्मदिवस के अवसर पर बदायूं स्थित ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम में बदायूं संसदीय क्षेत्र से समाजवादी पार्टी के सांसद Aditya Yadav मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में सपा कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने भाग लेकर कांशीराम जी को श्रद्धांजलि अर्पित की।
इस मौके पर सांसद आदित्य यादव ने कहा कि कांशीराम जी ने देश के दलित, पिछड़े, गरीब और वंचित समाज को राजनीतिक चेतना देकर उन्हें अधिकार और सम्मान की लड़ाई के लिए संगठित किया। उन्होंने बताया कि कांशीराम जी का जन्म 15 मार्च 1934 को पंजाब के रूपनगर में हुआ था। साधारण परिवार में जन्म लेकर उन्होंने अपने संघर्षों के बल पर बहुजन समाज को राजनीतिक रूप से जागरूक किया और लोकतंत्र में हिस्सेदारी का रास्ता दिखाया।
सांसद ने कहा कि कांशीराम जी का प्रसिद्ध नारा “जिसकी जितनी संख्या भारी, उसकी उतनी हिस्सेदारी” सामाजिक न्याय की राजनीति का मजबूत आधार है। उन्होंने वंचित समाज को यह समझाया कि लोकतंत्र में केवल वोट देने से बदलाव नहीं आता, बल्कि सत्ता और निर्णय प्रक्रिया में भागीदारी भी उतनी ही जरूरी है।
उन्होंने कहा कि आज देश में पीडीए—पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक समाज की जो आवाज मजबूत हो रही है, उसकी वैचारिक प्रेरणा भी कांशीराम जी के संघर्षों से जुड़ी हुई है। उनका पूरा जीवन सामाजिक न्याय और बहुजन समाज को राजनीतिक शक्ति दिलाने के लिए समर्पित रहा।
सांसद आदित्य यादव ने कहा कि समाजवादी आंदोलन ने हमेशा सामाजिक न्याय की लड़ाई को आगे बढ़ाने का काम किया है। उन्होंने समाजवादी आंदोलन के प्रमुख नेता Mulayam Singh Yadav को याद करते हुए कहा कि उन्होंने गरीब, किसान, मजदूर, दलित और पिछड़े वर्गों के अधिकारों की मजबूती से लड़ाई लड़ी। वहीं समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष Akhilesh Yadav आज उसी विचारधारा को आगे बढ़ाते हुए सामाजिक न्याय, भाईचारे और समानता की राजनीति को मजबूत कर रहे हैं।
सांसद ने कहा कि आज किसान परेशान है, नौजवान बेरोजगारी से जूझ रहा है और महंगाई लगातार बढ़ रही है। ऐसे समय में समाज को बांटने के बजाय विकास, रोजगार और सामाजिक न्याय के मुद्दों पर काम करने की जरूरत है। उन्होंने कांशीराम जयंती पर उनके विचारों को आगे बढ़ाने का संकल्प लेने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में सपा जिलाध्यक्ष आशीष यादव, डॉ. यासीन अली उस्मानी, विधायक हिमांशु यादव, पूर्व विधायक प्रेमपाल सिंह यादव, हाजी बिट्टन, भूपेंद्र दद्दा, सुरेशपाल सिंह चौहान, फखरे अहमद शोबी, उदयवीर शाक्य, रजनीश गुप्ता, खजाना देवी, अवनीश यादव, सुनीता पाल, अमित मथुरिया, सुरेंद्र सागर, सुरेंद्र यादव, मोर सिंह जाटव, सतीश यादव, सुनील यादव, सतीश प्रेमी, रचित गुप्ता, धर्मचंद्र वाल्मीकि, राकेश प्रजापति, नाथूराम कश्यप, मोर सिंह पाल, राम खिलाड़ी कश्यप, दिनेश भट्ट, तरुण शाक्य, डॉ. शकील सहित बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता मौजूद रहे।
Budaun Amarprabhat