बदायूं। भगवान परशुराम विद्या मंदिर इंटर कॉलेज नेकपुर में चल रहे श्री राम कथा महोत्सव के तीसरे दिन कथा वाचक सामाजिक संत रवि जी समदर्शी महाराज ने रामचरितमानस की महिमा और विभिन्न प्रसंगों का अत्यंत मार्मिक वर्णन किया। कथा सुनने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
संत रवि जी समदर्शी महाराज ने कहा कि जो कार्य मानवता को सत्य और करुणा के मार्ग पर ले जाए वही धर्म है, जबकि अहंकार, हिंसा और अन्याय अधर्म की ओर ले जाते हैं। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम के जीवन से मर्यादित और आज्ञाकारी जीवन जीने की प्रेरणा मिलती है।
उन्होंने प्रयागराज में याज्ञवल्क्य और भारद्वाज के संवाद का विस्तार से वर्णन करते हुए बताया कि यह संवाद ज्ञान, भक्ति और वैराग्य का अद्भुत संगम है। कथा के दौरान सती के अगले जन्म में पार्वती रूप में अवतार लेने, सप्त ऋषियों द्वारा माता पार्वती की परीक्षा लेने तथा भगवान शिव के विवाह की तैयारियों और उनकी विचित्र बारात का रोचक वर्णन किया गया। शिव-पार्वती विवाह का प्रसंग सुनकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे।
इसके साथ ही शिव-पार्वती संवाद, भगवान राम के अवतार के कारण, जय-विजय के श्राप की कथा और राक्षसों के जन्म की कथा का भी विस्तार से वर्णन किया गया।
इस अवसर पर मुख्य यजमान हिमांशु मिश्रा, डा. विनय कुमार दुबे (सेवानिवृत्त जेल अधीक्षक, उन्नाव), शील पांडे, रामबहादुर पांडे, राजेश्वर पांडे, एनसी मिश्रा, श्याम पाल सिंह, सभासद सुरेश, अभिनाश, आर्येन्द्र, राजनारायण, अंकुश, रमेश माथुर, दिनेश माथुर, संजू साहू, लीला पांडेय, निवेदिता संखधार, दुर्गेश गुप्ता, निशि शर्मा, कुसुम सक्सेना (प्राचार्य) सहित अनेक श्रद्धालु मौजूद रहे।
कार्यक्रम के अंत में आरती के बाद श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया।
Budaun Amarprabhat