बिसौली (बदायूं)। नगर की बड़ी मस्जिद में रमज़ान के पवित्र महीने के 26वें रोज़े पर नमाज-ए-तरावीह के दौरान कुरआन मुकम्मल होने की खुशी में भव्य जलसे का आयोजन किया गया। इस मौके पर तरावीह में कुरआन सुनाने वाले हाफिज जैनुल आब्दीन को फूल-मालाएं पहनाकर और तौहफे देकर सम्मानित किया गया।
जलसे को संबोधित करते हुए मदरसे के प्रिंसिपल मौलाना इफ्तेखार हुसैन अशरफी ने कहा कि सच्चा मुसलमान वही है, जो दीन के रास्ते पर चलकर एक नेक इंसान बने। कादरी मस्जिद के इमाम कारी अफलाक रज़ा उबैसी ने लोगों को अपनी पिछली गलतियों से तौबा कर दीन की राह पर चलने की नसीहत दी।
रज़ा मस्जिद के इमाम हाफिज शरीफ रजा जामी ने कहा कि अल्लाह ने रोज़ा और नमाज़ को फर्ज किया है और इसी पाक महीने में कुरआन नाजिल हुआ। उन्होंने कहा कि कुरआन की तिलावत करने और उसे श्रद्धा से सुनने वाले दोनों को बराबर का सवाब मिलता है।
मस्जिद बिलाल के इमाम हाफिज शादाब रजा उवैसी ने कहा कि असली रोज़ा वही है जिससे अल्लाह राजी हो जाए। इंसान के हाथ, कान और आंखें हर वक्त भलाई और नेकी के कामों में लगी रहनी चाहिए।
कार्यक्रम के अंत में बड़ी मस्जिद के इमाम बिलाल रजा नूरी ने सभी मेहमानों का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर हाफिज मजहर खान, हाफिज मुक्तदिर अहमद, इरशाद खां, मुन्ने खां, सैय्यद मुस्तफा अली, रहीस अहमद अंसारी, अनीस फारूकी, सरताज सलमानी, हाजी हबीब खां, नाजिम खां, सरफराज सलमानी सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
Budaun Amarprabhat