बदायूं। मूसाझाग थाना क्षेत्र स्थित एचपीसीएल फैक्ट्री में हुए सनसनीखेज दोहरे हत्याकांड में पुलिस ने बड़ा खुलासा करते हुए दो और आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। जांच में सामने आया है कि मुख्य आरोपी अजय प्रताप सिंह के साथ उसके दो साथियों ने मिलकर पूरी वारदात की साजिश रची और उसे अंजाम तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सुश्री अंकिता शर्मा के निर्देशन में चल रही जांच के दौरान साक्ष्य संकलन, इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस और परिस्थितिजन्य प्रमाणों के आधार पर धर्मेंद्र यादव और मुनेन्द्र विक्रम सिंह की संलिप्तता सामने आई। दोनों को 16 मार्च को गिरफ्तार कर पूछताछ की गई, जिसमें उन्होंने अपराध में शामिल होने की बात कबूल की।
पुलिस के मुताबिक धर्मेंद्र यादव फैक्ट्री में बुलेरो गाड़ी चलाता है, जबकि मुनेन्द्र विक्रम सिंह गैस किट ऑपरेटर है। मुख्य आरोपी अजय प्रताप सिंह से इनकी पुरानी दोस्ती थी। पूछताछ में खुलासा हुआ कि घटना को अंजाम देने के लिए तीनों ने पहले से साजिश रची थी।
घटना वाले दिन धर्मेंद्र यादव ने अपनी बुलेरो गाड़ी अजय प्रताप को फैक्ट्री में आने-जाने के लिए दी, जबकि मुनेन्द्र विक्रम सिंह ने गेट पर तैनात गार्ड को भ्रमित कर गाड़ी को अंदर प्रवेश दिलाया। वारदात के दौरान मुनेन्द्र गेट पर निगरानी करता रहा और मुख्य आरोपी के आवागमन को आसान बनाया।
पुलिस को मोबाइल कॉल डिटेल्स और अन्य साक्ष्यों से भी इस साजिश के ठोस प्रमाण मिले हैं। जांच में यह भी स्पष्ट हुआ कि बुलेरो गाड़ी लूटी नहीं गई थी, बल्कि योजना के तहत उपलब्ध कराई गई थी।
गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान धर्मेंद्र यादव निवासी कांसपुर और मुनेन्द्र विक्रम सिंह निवासी बिहारीपुर अजब, थाना दातागंज के रूप में हुई है। दोनों को 16 मार्च को डहरपुर के पास गंगा एक्सप्रेस-वे सर्विस रोड से गिरफ्तार किया गया।
कार्रवाई करने वाली टीम में प्रभारी निरीक्षक वीरेन्द्र तोमर, निरीक्षक उरेन्द्र पाल सिंह सहित पुलिस टीम के अन्य सदस्य शामिल रहे। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है और मामले की जांच जारी है।
Budaun Amarprabhat