
संवाददाता: गोविंद देवल, बदायूँ
बदायूँ। संयुक्त निगरानी समिति द्वारा जिला कारागार का औचक निरीक्षण किया गया, जिसमें ‘सुरक्षित बचपन’ के तहत चिन्हित बच्चों की स्थिति और सुविधाओं का जायजा लिया गया। निरीक्षण के दौरान समिति के सदस्यों ने बच्चों की आवश्यकताओं की विस्तार से समीक्षा की।
समिति ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि बच्चों को स्वास्थ्य, शिक्षा और सरकारी योजनाओं का समुचित लाभ दिलाया जाए। इसके लिए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी एवं एसीएमओ (बाल रोग विशेषज्ञ) को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए।
वर्तमान में कारागार में 5 बच्चे अपनी माताओं के साथ रह रहे हैं। इनके आईसीपी (इंडिविजुअल केयर प्लान) के नियमित फॉलोअप और समय-समय पर काउंसलिंग सुनिश्चित कराने के लिए जिला बाल संरक्षण अधिकारी को निर्देशित किया गया।
इस दौरान अरुण कुमार ने निर्देश दिए कि महिला बंदियों के घर पर रह रहे बच्चों को भी सरकारी योजनाओं से जोड़ने के लिए आवश्यक दस्तावेज तैयार कराए जाएं। इसके लिए संबंधित उपजिलाधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया।
निरीक्षण में अभय कुमार, धर्मेन्द्र कुलश्रेष्ठ, डा. मोहन झा, नन्द किशोर पाठक, सुयोग गुप्ता, संरक्षण अधिकारी रवि कुमार, प्रीति कौशल, सामाजिक कार्यकर्ता भमरपाल सिंह, कारागार अधीक्षक राजेन्द्र कुमार, उप अधीक्षक अनन्या अत्री व द्विव्यांशु सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
समिति की इस पहल को बच्चों के बेहतर भविष्य और संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
Budaun Amarprabhat