🎉 🎉
संवाददाता: गोविंद देवल
कोरोना काल में पिता का साया उठने के बाद मेहनत के दम पर हासिल की सफलता, युवाओं के लिए बने प्रेरणा
उसहैत। कस्बे के अर्पण गोविंद भारद्वाज ने कठिन परिस्थितियों के बीच संघर्ष और मेहनत के बल पर बड़ी सफलता हासिल की है। उन्होंने उत्तर प्रदेश पुलिस में सब इंस्पेक्टर (गोपनीय) स्टेनो पद पर चयनित होकर परिवार ही नहीं, पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है।
अर्पण की नियुक्ति एक आईपीएस अधिकारी के कार्यालय में होगी। उनकी सफलता की खबर मिलते ही परिवार में खुशी का माहौल है और बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है।
पिता के निधन के बाद नहीं टूटा हौसला
कोरोना काल में अर्पण के पिता स्वर्गीय गोविंद भारद्वाज का निधन हो गया था। पिता का साया सिर से उठने के बाद भी अर्पण ने हिम्मत नहीं हारी। उनकी विधवा मां की प्रेरणा और आशीर्वाद ने उन्हें लगातार आगे बढ़ने का संबल दिया।
अर्पण ने बताया कि उन्होंने रोजाना करीब 11 से 12 घंटे पढ़ाई की और स्टेनोग्राफर व टाइपिंग की तैयारी में पूरी मेहनत झोंक दी। इसी अनुशासन और निरंतर अभ्यास ने उन्हें सफलता तक पहुंचाया।
परिवार की विरासत से मिली प्रेरणा
अर्पण वर्तमान में परिवार के साथ बदायूं में रह रहे हैं। उनके पिता स्वर्गीय गोविंद भारद्वाज और दादा स्वर्गीय राम बहादुर भारद्वाज समाजसेवा, भारतीय जीवन बीमा निगम और पत्रकारिता से जुड़े रहे। परिवार की इसी प्रेरणादायी पृष्ठभूमि ने अर्पण को लक्ष्य के प्रति समर्पित रखा।
अर्पण ने अपनी सफलता का श्रेय गुरुजनों, परिवार और दोस्तों को देते हुए कहा कि बिना अनुशासन और निरंतरता के सफलता संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि वह अपने पिता के अधूरे सपनों को पूरा करने के लिए आगे भी लगातार मेहनत करते रहेंगे।
अर्पण की इस उपलब्धि से नगर और जिले में खुशी की लहर है। उनकी सफलता अब क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणा बन गई है।
Budaun Amarprabhat