बदायूं। मीरा चौकी स्थित श्री राम सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में शुक्रवार को एक दिवसीय शिशु वाटिका वर्ग का आयोजन किया गया। इसमें नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत शिशुओं के सर्वांगीण विकास एवं शिक्षा के साथ व्यावसायिक कौशल विकसित करने पर विशेष प्रशिक्षण दिया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ विद्या की अधिष्ठात्री मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित एवं पुष्पार्चन कर किया गया। शिशु शिक्षा समिति ब्रज प्रांत के प्रांत शिशु वाटिका प्रमुख राम किशोर श्रीवास्तव ने दीप प्रज्ज्वलित किया, जबकि वरिष्ठ आचार्य कमलेश कुमार ने पुष्प अर्पित किए।
मुख्य वक्ता राम किशोर श्रीवास्तव ने कहा कि नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 का उद्देश्य बच्चों को प्रारंभिक स्तर से ही गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ व्यावसायिक कौशल से जोड़कर उन्हें हुनरमंद बनाना है। उन्होंने कहा कि शिशु वाटिका में ऐसा वातावरण तैयार किया जाना चाहिए, जहां सहजता, सरलता, प्रेम, आनंद, सुरक्षा, स्वतंत्रता और सौंदर्यबोध के साथ बच्चों का समग्र विकास हो सके।
उन्होंने बताया कि क्रियात्मक गतिविधियों, अनुभव आधारित शिक्षण, सृजनात्मक कार्यों और खेल-आधारित शिक्षण पद्धति के माध्यम से शिशुओं के शारीरिक, मानसिक, बौद्धिक एवं भावनात्मक विकास को प्रभावी ढंग से सुनिश्चित किया जा सकता है। कार्यक्रम में शिक्षकों ने नई शिक्षा नीति के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से जानकारी प्राप्त की।
Budaun Amarprabhat