बदायूं। आजादी के 80वें पावन पर्व पर बदायूं के ऐतिहासिक गुरुकुल सूर्यकुण्ड में राष्ट्रभक्ति का एक अद्भुत और अलौकिक संगम देखने को मिला। आधुनिक चकाचौंध से दूर, वेदों की ऋचाओं और राष्ट्रप्रेम की हुंकार के बीच गुरुकुल के वीर ब्रह्मचारियों और ओजस्विनी ब्रह्मचारणियों ने प्राचार्य वेदरत्न आर्य के नेतृत्व में स्वतंत्रता दिवस को अत्यंत भव्यता के साथ मनाया। कार्यक्रम की शुरुआत सनातन संस्कृति की महान परंपरा के अनुसार भव्य राष्ट्ररक्षा यज्ञ के साथ हुई, जिसमें उठी पवित्र आहुतियों के धुएं के बीच देश की अखंडता और संप्रभुता की कामना की गई।
यज्ञ के पावन अनुष्ठान के उपरांत समूचे गुरुकुल परिसर में आन-बान और शान के साथ राष्ट्रध्वज तिरंगा फहराया गया। तिरंगे के सम्मान में सभी ने एक स्वर में राष्ट्रगीत का गायन किया और माँ भारती के उन अमर शहीदों को अश्रुपूर्ण श्रद्धांजलि दी, जिनके बलिदान से हमें यह खुली हवा में सांस लेने का सौभाग्य मिला है। इसके बाद देशभक्ति से ओत-प्रोत नाटकों और ओजस्वी गीतों के सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने उपस्थित सभी लोगों का दिल जीत लिया। समारोह के दौरान गुरुकुल के विद्वान आचार्यों और विशिष्ट अतिथियों ने अपने प्रेरणादायी वक्तव्यों से सभी में देशप्रेम की अलख जगाई।
प्राचार्य वेदरत्न आर्य ने अपने संबोधन में कहा कि यह आजादी हमें थाली में परोस कर नहीं मिली है, इसके पीछे अनगिनत वीर सपूतों और हुतात्मों की शहादत का इतिहास है। हमें इस स्वतंत्रता की कीमत समझनी होगी और राष्ट्र निर्माण में अपना सर्वस्व समर्पित करना होगा।
प्रवक्ता वेदभानु आर्य ने कहा कि युवाओं को अपनी संस्कृति और वेदों से जुड़कर ही एक सशक्त और आत्मनिर्भर राष्ट्र का निर्माण करना चाहिए। प्रवक्ता वेदप्रिय आर्य ने अपने ओजस्वी वचनों में क्रांतिकारियों के संघर्ष को याद करते हुए युवाओं को अनुशासन और देशसेवा का संकल्प लेने का आह्वान किया। प्रवक्ता वेदवीर आर्य ने कहा कि गुरुकुल की यह पवित्र भूमि हमेशा से राष्ट्रभक्त और संस्कारित युवा तैयार करती आई है, जो देश की रीढ़ हैं।
प्रवक्ता श्रीमती शकुन गुप्ता ने मातृशक्ति और देश के प्रति महिलाओं के योगदान पर प्रकाश डालते हुए कहा कि संस्कारित परिवार ही सच्चे राष्ट्रभक्त का निर्माण करते हैं। प्रवक्ता श्रीमती अपर्णा सिंघल ने अपने संबोधन में कहा कि आज़ादी का यह पर्व हमें अपने कर्तव्यों की याद दिलाता है और देश के प्रति निष्ठावान रहने की प्रेरणा देता है।
कार्यक्रम के अंत में भारत माता के जयकारों के बीच उपस्थित सभी लोगों को प्रसाद वितरित किया गया और इसी के साथ इस ऐतिहासिक स्वतंत्रता दिवस समारोह का भव्य समापन हुआ। गुरुकुल सूर्यकुण्ड की यह पावन धरा आज एक बार फिर राष्ट्रभक्ति के रंगों में पूरी तरह सराबोर नजर आई।
Budaun Amarprabhat