12 अगस्त की भोर में खगोलीय नजारा, रात में पर्सिड उल्का वर्षा का भी रहेगा आकर्षण
गोरखपुर/बदायूं। अगस्त का महीना खगोल प्रेमियों के लिए खास रहने वाला है। 11 अगस्त की देर रात से 12 अगस्त की भोर तक आकाश में छह ग्रहों का विशेष दृश्य संरेखण देखने को मिलेगा। इसके बाद 12 और 13 अगस्त की दरम्यानी रात पर्सिड उल्का वर्षा भी अपने सक्रिय चरण में रहेगी। खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि 12 अगस्त को पूर्ण सूर्य ग्रहण भी होगा, हालांकि यह भारत से दिखाई नहीं देगा।
खगोलविद अमर पाल सिंह के अनुसार 12 अगस्त की भोर में शनि, वरुण, अरुण, मंगल, बुध और बृहस्पति ग्रह क्रांतिवृत्त के आसपास आकाश के एक बड़े हिस्से में दिखाई देंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि ग्रह वास्तव में अंतरिक्ष में एक सीधी रेखा में नहीं होंगे, बल्कि पृथ्वी से देखने पर परिप्रेक्ष्य के कारण कतार या चाप जैसे नजर आएंगे।
इन ग्रहों को ऐसे देख सकेंगे
बुध लगभग सुबह 4:28 बजे पूर्वी क्षितिज पर दिखाई देना शुरू होगा, जबकि बृहस्पति करीब 4:50 बजे नजर आ सकता है। मंगल रात करीब 1:50 बजे के बाद दिखाई देगा। शनि रात करीब 9:30 बजे से आकाश में नजर आ सकता है और पूरी रात दिखाई देगा।
अरुण यानी यूरेनस को देखने के लिए अच्छी दूरबीन या दूरबीन की आवश्यकता होगी। वरुण यानी नेप्च्यून को सामान्य आंखों से देख पाना संभव नहीं है और इसके लिए अच्छी क्षमता वाली दूरबीन की जरूरत होगी।
खगोलविद ने बताया कि इस नजारे को देखने के लिए सूर्योदय से करीब 30 से 60 मिनट पहले का समय महत्वपूर्ण रहेगा। पूर्वी क्षितिज खुला होने वाले कम प्रकाश प्रदूषण वाले स्थान से अवलोकन बेहतर रहेगा। पेड़, ऊंची इमारतें, धुंध और बादल दृश्यता में बाधा डाल सकते हैं।
12-13 अगस्त की रात पर्सिड उल्का वर्षा
खगोलीय घटनाओं का सिलसिला यहीं खत्म नहीं होगा। 12 और 13 अगस्त की दरम्यानी रात पर्सिड उल्का वर्षा का सक्रिय चरण देखने को मिलेगा। साफ आसमान होने पर आकाश में उल्काओं की चमकती लकीरें देखने का अवसर मिल सकता है।
अमर पाल सिंह ने बताया कि दूरबीन या टेलीस्कोप को बिना उचित प्रमाणित सोलर फिल्टर के सूर्य की ओर बिल्कुल नहीं करना चाहिए। उन्होंने लोगों से सुरक्षित तरीके से खगोलीय घटनाओं का अवलोकन करने की अपील की है।
खगोलविद अमर पाल सिंह, एस्ट्रोनॉमी एजुकेटर, वीर बहादुर सिंह नक्षत्रशाला, गोरखपुर के अनुसार 12 अगस्त का दिन खगोल प्रेमियों के लिए विशेष अवसर लेकर आ रहा है।
Budaun Amarprabhat