बिसौली। मोहर्रम की सात तारीख को नगर में अलम ए मुबारक का जुलूस निकाला गया। यह जुलूस अब्दुल गनी सैफी के इमामबाड़े से निकाला गया।
गुरुवार को सुन्नी समुदाय के लोगों ने अब्दुल गनी सैफी के इमामबाड़े से ढोल नगाड़ों के साथ अलम का जुलूस निकाला। जो अपने परंपरागत रास्तों से होता हुआ इमामबाड़े पर खत्म हुआ। जुलुस में या हुसैन, या अली की सदाएं गूंजती रही। यूं तो मोहर्रम का चांद नजर आते ही शिया समुदाय में मजलिस मातम का सिलसिला शुरू हो जाता है। इमामबाड़ों में शबीहे अलम, ताबूत, तजिए सजा दिए जाते हैं।
Budaun Amarprabhat