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बेसिक शिक्षकों की उपस्थिति की जानकारी करेगा चतुर्थ श्रेणी कर्मी

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नियमविरूद्ध कंट्रोल रूम बनाया बीएसए ने, शिक्षकों में रोष, फोन न उठा पाने पर भी मांगा जाता है स्पष्टीकरण

बदायूं। वर्तमान में बदायूं जनपद में तैनात जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के अवैधानिक क्रिया कलापों से शिक्षकों में काफी रोष पनप रहा है। विद्यालयों की चेकिंग के नाम पर अध्यापकों का जमकर शोषण किया जा रहा है। शिक्षक नेताओं द्वारा समाचार पत्र को शिक्षकों की पीड़ा से अवगत कराया गया तथा बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा बिना किसी शासनादेश के जिला स्तर पर बनाये गये कंट्रेाल रूम पर अपना रोष भी व्यक्त किया।
बीएसए या अन्य किसी सक्षम अधिकारी द्वारा विद्यालयों का स्थलीय निरीक्षण किया जाना तो पूरे प्रदेश में चल रहा है, लेकिन बदायूं जनपद में स्थलीय निरीक्षण के स्थान पर जिला स्तर पर कंट्रोल रूम स्थापित कर दिया गया है जहां पर एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी को तैनात कर दिया गया है जो वीडियो कॉल के माध्यम से शिक्षकों की उपस्थिति लेगा और यदि किसी कारणवश शिक्षक फोन उठाने में असमर्थ रहा तो उसके विरूद्ध नोटिस जारी कर दिया जाएगा चाहे जहां वह तैनात है वहां पर इंटरनेट या नेटवर्क की सुविधा है या नहीं इसकी भी कोई जानकारी नहीं ली जाएगी। साथ ही प्रातःकाल स्कूल खुलने के समय हर विद्यालय में प्रार्थना करने का भी नियम है और उसी समय कंट्रोल रूम से अध्यापक को फोन किया जाता है और यदि वह प्रार्थना करा रहा है तो उसे प्रार्थना छोड़कर फोन उठाना पड़ता है और यदि वह किसी कारणवश फोन नहीं उठा पाता है तो तत्काल उसे नोटिस जारी कर दिया जाता है।
इस संबंध में कम्पोजिट विद्यालय में तैनात इंचार्ज प्रधानाध्यापिका मधु उपाध्याय ने बताया कि कल वह विभागाीय आदेश से एक ट्रेनिंग में प्रतिभाग कर रहीं थीं, उसी समय विद्यालय में कंट्रोल रूम से फोन आया और उपस्थिति की जानकारी ली गयी, जब वहां तैनात अन्य शिक्षक द्वारा बताया गया कि वे विभागीय आदेश से एक ट्रेनिंग में गयी हुई हैं, इसके बाबजूद भी उनको नोटिस जारी कर दिया गया और ट्रेनिंग में उपस्थिति होने के साक्ष्य प्रस्तुत करने को कहा गया।
वहीं उझानी विकास खण्ड के विद्यालय भट्टानगला में तैनात इंचार्ज प्रधानाध्यापक मुशीर अहमद ने बताया कि वे विभागीय आदेश पर ट्रेनिंग में प्रतिभाग कर रहे थे उन्हें भी इसी प्रकार का नोटिस प्राप्त हुआ है।
राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस पर विद्यालय में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को एलमंडाजोल की गोली खिलाए जाने हेतु शासन स्तर से निर्देश मिले थे, जिसके लिए पीएचसी या सीएचसी पर एक ट्रेनिंग आयोजित की गयी थी जिसमें प्रतिभाग करने के लिए खंड शिक्षा अधिकारी द्वारा अपने ब्लाक के शिक्षकों को आदेशित किया गया था और जब शिक्षक उसकी ट्रेनिंग लेने गए थे उसी समय कंट्रोल रूम से चेकिंग अभियान भी चला दिया गया और जो शिक्षक ट्रेनिंग पर गए थे उनको बीएसए द्वारा नोटिस जारी कर दिया गया। इस पर शिक्षकों का कहना है कि वे किस अधिकारी आदेश मानें या किसका न मानें।
सूत्रों से ये भी पता चला है कि जब बीएसए अलीगढ़ द्वारा इसी प्रकार का कंट्रोल रूम स्थापित किया गया था लेकिन वहां के शिक्षक संघ के पुरजोर विरोध के चलते कंट्रोल रूम बंद करना पड़ा।
इस संबंध में जब जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी वीरेन्द्र कुमार सिंह से वार्ता करने हेतु फोन किया गया तो उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।
बीएसए बदायूं द्वारा जो कंट्रोल रूम चलाया जा रहा है वो अवैध तरीके से संचालित किया जा रहा है। कोई भी शासनादेश नहीं है जिसके द्वारा इसका संचालन किया जाए। भौतिक निरीक्षण किया जा सकता है लेकिन फोन के माध्यम से निरीक्षण करना बिलकुल गलत है। राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ जनपद बदायूं इसका पुरजोर विरोध करता है।
दुष्यंत कुमार रघुवंशी
जिला संयोजक

राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ जनपद बदायूं
बीएसए द्वारा जो कंट्रोल रूम बनाया गया वह नियम विरूद्ध है जबकि जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिलास्तर पर ब्लाक पर टास्क फोर्स बना हुआ है जिसमें जिला व ब्लाक स्तर के सभी अधिकारी तैनात हैं, जिनको हर माह कम से कम पांच-पांच विद्यालयों को आवश्यक रूप से निरीक्षण करने का आदेश दिया गया। इसके अलावा बीएसए ने अपनी हठधर्मिता के चलते ये कंट्रोल रूम बनाया है जो पूरी तरह से अवैधानिक है।
सुशील चौधरी, जिला कोषाध्यक्ष उ.प्र. प्राथमिक शिक्षक संघ, बदायूं


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