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टीएमयू को रिसर्च प्रोजेक्ट्स के लिए यूपी से मिला 41.58 लाख का अनुदान

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उत्तर प्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद- यूपीसीएसटी की ओर से तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी के फॉर्मेसी कॉलेज के दो रिसर्च प्रोजेक्ट्स के लिए 26.72 लाख, जबकि एफओई की नैनोसेंसर अनुसंधान परियोजना के लिए 14.86 लाख का मिला अनुदान, सभी रिसर्च प्रोजेक्ट्स तीन साल में करने होंगे मुकम्मल

मुरादाबाद। उत्तर प्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद- यूपीसीएसटी की ओर से तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी, मुरादाबाद को कुल 41.58 लाख रुपए का अनुसंधान अनुदान प्राप्त हुआ है। यह राशि फार्मेसी कॉलेज के दो, जबकि एफओई के एक रिसर्च प्रोजेक्ट्स पर व्यय होगी। ये तीनों शोध परियोजनाएं तीन साल में पूरी करनी होंगी। यूपीसीएसटी की ओर से मिली यह ग्रांट फार्मेसी और एफओई के क्षेत्र में नवाचारी दृष्टिकोण का प्रमाण है। टीएमयू के एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर श्री अक्षत जैन बोले, हमारे लिए यह एक असाधारण उपलब्धि है। टीएमयू इन अनुसंधान परियोजनाओं के क्रियान्वयन के प्रति दृढ़ संकल्पित है। कुलाधिपति श्री सुरेश जैन और जीवीसी श्री मनीष जैन ने अपने संकल्प को दोहराते हुए कहा, टीएमयू को विश्व की 200 यूनिवर्सिटीज़ में शुमार करना हमारा लक्ष्य है। इसके लिए रिसर्च प्रोजेक्ट्स बेहद जरूरी हैं। कुलपति प्रो. वीके जैन ने कहा, यह अनुदान इस बात का साक्षी है, हमारी यूनिवर्सिटी रिसर्च के प्रति गंभीर है।
टीएमयू फॉर्मेसी की फैकल्टीज़- डॉ. पुष्पेन्द्र कुमार शुक्ला को आइडेंटिफ़िकेशन्स ऑफ़ एडल्ट्रेंट्स एंड सब्स्टिट्यूएंट्स बेस्ड ऑन कीमोटाइप एंड बायोलॉजिकल पोटेंशियल ऑफ़ सलेक्टेड थ्रेटेंड इंडियन मेडिसिनल प्लांट्स अनुसंधान परियोजना के लिए 14.36 लाख, जबकि प्रो. अनुराग वर्मा और प्रो. अमित वर्मा को डवलपमेंट ऑफ़ टॉपीकली एप्लाइड नोवल फ़ार्म्यूलेशन्स फॉर ऐज डिफ़ाइंग इफ़ेक्ट्स अनुसंधान परियोजना के लिए 12.36 लाख का अनुदान प्राप्त हुआ है। यूनिवर्सिटी के फैकल्टी ऑफ इंजीनियरिंग की फैकल्टी डॉ. अमित गंगवार को ट्रांज़िशन मेटल डाइचाल्कोजेनाइड्स पॉलीमर हाइब्रिड बेस्ड वेयरेबल नैनोसेंसर्स नामक अनुसंधान परियोजना के लिए 14.86 लाख रुपए की राशि स्वीकृत की गई है। एफओई की इस बहुविषयक परियोजना के प्रो. आरके द्विवेदी सह-प्रधान अन्वेषक-को पीआई हैं। टीएमयू रिसर्च एंड डवलपमेंट के एसोसिएट डीन प्रो. पीयूष मित्तल ने बधाई देते हुए कहा कि आरएंडडी इन रिसर्च को सुगम बनाने और अनुसंधान उद्देश्यों की प्राप्ति के प्रति प्रतिबद्ध है।


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