संवादाता: गोविंद देवल
बदायूं: जिले की सीमा से इन दिनों अनगिनत डबल-डेकर बसें बिना परमिट और फिटनेस प्रमाण पत्र के गैर राज्यों की ओर फर्राटा भर रही हैं। यात्री बसों की यह धड़ल्ले वाली आवाजाही न केवल सड़क सुरक्षा के लिए खतरा बन रही है, बल्कि आए दिन मौतों की फेहरिश्त में भी इजाफा कर रही है।
कमाल की बात यह है कि इसके बावजूद जनपदीय पुलिस और परिवहन विभाग ने इस गंभीर मसले पर चुप्पी साध रखी है। प्रतिदिन रात के नौ बजते ही जिले में इन डबल-डेकर बसों की एंट्री शुरू हो जाती है। जिले से दौड़ने वाली इन बसों के एजेंट शहर और उपनगरों में वाक़यदा बुकिंग काउंटर चला रहे हैं।
रात की धड़ल्ले वाली गतिविधियां
रात के समय कचहरी मार्ग पर जनप्रतिनिधियों के आवासों के निकट भी प्राइवेट यात्रियों की बुकिंग बदस्तूर चलती रहती है। इसके अलावा लालपुल पर टूरिस्ट काउंटर पर रोज़ाना कई बसें रुकती हैं। यही डबल-डेकर निजी बसें जब तेज़ रफ्तार में सवारियां लेने के चक्कर में दौड़ती हैं, तो आए दिन लोगों की जिंदगियां खतरे में पड़ जाती हैं। इसका ताज़ा प्रमाण बीते दो दिनों में हुए दो अलग-अलग हादसे हैं।
उझानी बाईपास और पेट्रोल पंप पर संदिग्ध बसें
जिला मुख्यालय के अलावा उपनगरों में भी इन अनाधिकृत बस संचालन का खेल बदस्तूर जारी है। उझानी कोतवाली इलाके में गंगोरा मार्ग पर कथित रोडवेज कलर की बसें दिन में खड़ी रहती हैं और रात में रोडवेज का धोखा देकर दिल्ली से जयपुर तक यात्रियों को ढोती हैं।
उझानी के बाबू कल्याण चौक से बरी बाईपास तक, रात्री 10 बजे के बाद इन डबल-डेकर बसों सहित एजेंट और स्टाफ की सक्रियता देखी जा सकती है। बावजूद इसके, उझानी पुलिस इस पूरे मामले पर नजरअंदाज़ करती नजर आती है।
निष्कर्ष
जिलाधिकारी और परिवहन विभाग को चाहिए कि इस अनधिकृत बस संचालन पर तुरंत कार्रवाई करें, वरना सड़क पर होने वाले हादसों की फेहरिश्त लगातार बढ़ती रहेगी।
Budaun Amarprabhat