किशनी (संवाददाता गोविंद देवल):
किशनी ग्राम स्थित प्राचीन शिव मंदिर में पिछले 32 वर्षों से चल रही वार्षिक भंडारे की परंपरा इस वर्ष भी पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ संपन्न हुई। ग्रामवासियों के सामूहिक सहयोग से आयोजित इस भंडारे में दूर-दराज के ग्रामीणों सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में भक्तों ने पहुँचकर प्रसाद ग्रहण किया।
वर्षों से चली आ रही इस परंपरा को ग्राम के बुजुर्गों, युवाओं और महिलाओं द्वारा मिलकर आगे बढ़ाया जा रहा है, जिससे सामाजिक एकता और धार्मिक आस्था का संदेश पूरे क्षेत्र में फैल रहा है।
भंडारे के आयोजन की तैयारियाँ ग्राम समिति द्वारा कई दिनों पहले ही शुरू कर दी गई थीं। मंदिर परिसर की सफाई, सजावट और प्रसाद व्यवस्था के लिए ग्रामीणों ने तन-मन-धन से सहयोग दिया। कार्यक्रम के दौरान मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना और भजन-कीर्तन का आयोजन भी किया गया, जिसमें स्थानीय कलाकारों और श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। भक्ति संगीत की धुनों से पूरा वातावरण आध्यात्मिक रंग में रंग गया।
ग्रामवासियों का कहना है कि यह भंडारा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सामाजिक सद्भाव और सामूहिक एकजुटता का प्रतीक है। हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु इसमें भाग लेकर देवाधिदेव महादेव का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। स्थानीय लोगों का विश्वास है कि इसी परंपरा ने गाँव को एक सूत्र में बांधे रखा है और आगे भी यह आयोजन इसी उत्साह और श्रद्धा के साथ जारी रहेगा।

Budaun Amarprabhat