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पॉलीहाउस खेती से बदल रही किसानों की किस्मत, सब्जियों और फूलों की बढ़ी उपज से आय में इज़ाफ़ा

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बदायूँ | 12 दिसंबर |

प्रदेश में किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में पॉलीहाउस खेती एक बड़ा वरदान साबित हो रही है। बेमौसम सब्जियों की उपलब्धता अब बाजार में आसानी से हो रही है, क्योंकि किसान पॉलीहाउस में नियंत्रित तापमान और अनुकूल वातावरण देकर फसलों का सफल उत्पादन कर रहे हैं।

पॉलीहाउस एक विशेष संरचना है, जिसे 200–400 माइक्रॉन मोटाई वाली पराबैंगनी किरणों से अवरोधक पारदर्शी चादर से ढका जाता है। इसका आकार इतना बड़ा होता है कि किसान अंदर जाकर सहजता से सभी कृषि कार्य कर सकें। जी.आई. पाइप से बने पॉलीहाउस 20–25 वर्ष तक टिकाऊ होते हैं, जबकि बांस या लकड़ी से बने पॉलीहाउस की आयु 3–4 वर्ष रहती है। पॉलीथीन शीट 2–3 साल तक उपयोगी रहती है और इसमें 70–80% सूर्य का छनकर प्रकाश फसलों तक पहुंचता है।

प्रदेश के उन्नतशील किसान अब परम्परागत खेती की बजाय पॉलीहाउस में सब्जियों और फूलों की खेती कर बेमौसम उत्पादन से अच्छी कमाई कर रहे हैं। हालांकि यह तकनीक सामान्य खेती से महंगी है, लेकिन व्यावसायिक खेती में अत्यधिक लाभ देती है।

क्यों खास है पॉलीहाउस खेती?

विपरीत मौसम में भी सब्जी और फूल उत्पादन संभव

फसलों को कीट, रोग और मौसम संबंधी जोखिमों से बचाव

नर्सरी उत्पादन के लिए सर्वश्रेष्ठ माध्यम

प्रति इकाई क्षेत्र में अधिक उपज

शुद्ध संकर बीज उत्पादन में उपयोगी

उच्च गुणवत्ता वाली फसलें

शहरी और सीमांत किसानों के लिए भी लाभकारी

कुछ सीमाएँ भी

पॉलीहाउस लगाने के लिए किसानों को शुरुआती निवेश अधिक करना होता है। यह तकनीक मुख्यतः सब्जी और बागवानी फसलों के लिए ही उपयोगी है। धान, गेहूँ जैसी सामान्य फसलों की खेती इसमें नहीं की जा सकती।

खुले खेतों की तुलना में 5–10 गुना अधिक उपज

खुले वातावरण में कीट, फफूंद, रोग, अत्यधिक आर्द्रता या प्रकाश की कमी के कारण फसलों को नुकसान होता है, जिससे उत्पादकता प्रभावित होती है। वहीं पॉलीहाउस में फसलें अजीवित और जीवित दोनों कारकों से सुरक्षित रहती हैं। यही कारण है कि पॉलीहाउस खेती से किसानों को 5 से 10 गुना तक अधिक उत्पादन प्राप्त होता है।

बेमौसम फसलों का उत्पादन किसानों को बाजार में अच्छे दाम दिलाता है और रोजगार के नए अवसर भी पैदा करता है।

किन फसलों की हो रही सबसे अधिक खेती?

सब्जियाँ: संकर टमाटर, शिमला मिर्च, खीरा

फूल: गुलाब, जरबेरा, लीलियम, कार्नेशन

प्रदेश में किसान इन फसलों को पॉलीहाउस में उगाकर बेहतर गुणवत्ता और अधिक उत्पादन से अतिरिक्त आय अर्जित कर रहे हैं। सरकार भी पॉलीहाउस निर्माण एवं संरक्षित खेती को बढ़ावा देने के लिए अनुदान और योजनाएँ संचालित कर रही है।

पॉलीहाउस तकनीक ने यह सिद्ध कर दिया है कि सही वातावरण और आधुनिक तकनीक के साथ किसान कम संसाधनों में भी उच्च गुणवत्ता की फसल पैदा कर सकते हैं। प्रदेश में तेजी से बढ़ रही पॉलीहाउस खेती आने वाले समय में किसानों की आर्थिक स्थिति को और मजबूत करेगी।


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