

उत्तर प्रदेश महिला शिक्षक संघ (रजि.) की ओर से टीईटी (शिक्षक पात्रता परीक्षा) की अनिवार्यता से संबंधित महत्वपूर्ण ज्ञापन बदायूं से सांसद आदित्य कुमार यादव को सौंपा गया। यह ज्ञापन जिला अध्यक्ष श्रीमती किरण सिंह सिसौदिया के नेतृत्व में पूरी टीम द्वारा प्रस्तुत किया गया।
ज्ञापन के माध्यम से संघ ने सांसद को अवगत कराया कि टीईटी की अनिवार्यता से शिक्षकों को व्यावहारिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है और इस कारण शिक्षा व्यवस्था पर भी असर पड़ रहा है। संगठन ने मांग की कि योग्य शिक्षक/शिक्षिकाओं को वर्तमान परिस्थितियों में टीईटी अनिवार्यता के कारण परेशान न होना पड़े।
ज्ञापन में उच्चतम न्यायालय के आदेश और 27 जुलाई 2011 से पूर्व बेसिक शिक्षा विभाग में नियुक्त शिक्षकों पर टीईटी अनिवार्यता से उत्पन्न समस्याओं का विवरण भी रखा गया। संघ ने बताया कि उस समय टीईटी लागू नहीं थी, बावजूद इसके अब अनिवार्यता लागू किए जाने से हजारों अनुभवी शिक्षक मानसिक तनाव में हैं और शिक्षा व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
महिला शिक्षक संघ ने मांग की कि 27 जुलाई 2011 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को टीईटी अनिवार्यता से मुक्त किया जाए और केंद्र एवं राज्य सरकार स्तर पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लिया जाए।
सांसद आदित्य कुमार यादव ने ज्ञापन को गंभीरता से लेते हुए शिक्षकों की समस्याओं को उचित मंच पर उठाने और समाधान हेतु आवश्यक पहल करने का आश्वासन दिया। इस अवसर पर महिला शिक्षक संघ की अन्य पदाधिकारी एवं सदस्य वीरबाला सिंह, वीना सिंह, तृप्ति जैन, अल्का भोला, शांति, राखी, सरोजनी, गुलज्याल, कंचन, सुमन, अल्का, सागर, अंजू, रेणु, नाहिद अंजुम, दीपशिखा, कोमल शर्मा, एकता गुप्ता सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहीं।
Budaun Amarprabhat