
बिल्सी। महान समाज सुधारक, नारी शिक्षा और सशक्तिकरण की अग्रदूत क्रांतिज्योति सावित्रीबाई फुले की जयंती बिल्सी स्थित आवास पर बड़े ही धूमधाम व श्रद्धा के साथ मनाई गई। कार्यक्रम की अगुवाई ममता शाक्य ने की। इस अवसर पर मातृ शक्ति एवं उपस्थित गणमान्य नागरिकों ने माता सावित्रीबाई फुले की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ममता शाक्य ने कहा कि माता सावित्रीबाई फुले ने अपना संपूर्ण जीवन महिलाओं, गरीबों और वंचित वर्गों की शिक्षा एवं समानता के लिए समर्पित कर दिया। उन्होंने महिलाओं को शिक्षित कर समाज में जागरूकता की अलख जगाई। वे सच्चे अर्थों में नारी मुक्ति आंदोलन की प्रणेता थीं और आजीवन नारी सशक्तिकरण के लिए संघर्ष करती रहीं, इसी कारण उन्हें “क्रांतिज्योति” कहा जाता है।
इस अवसर पर श्री चेतराम मौर्य ने कहा कि माता सावित्रीबाई फुले ने अपने पति महात्मा ज्योतिबा फुले के साथ कंधे से कंधा मिलाकर समाज में शिक्षा का प्रकाश फैलाया और महिलाओं के लिए विद्यालय खोलकर ऐतिहासिक कार्य किया।
कार्यक्रम का संचालन राजा राम शाक्य ने किया। कार्यक्रम में राकेश शाक्य, मुकेश चन्द्र मौर्य, महिपाल मौर्य, ओमवीर शाक्य, राम गोपाल बघेल, भगवान दास सागर, पन्ना लाल शाक्य, अमर सिंह, कामला देवी, सर्वेश, प्रदीप शाक्य, सत्यपाल शाक्य, ओमी बाबा, जयपाल, ओमप्रकाश मौर्य सहित अनेक लोग उपस्थित रहे।
अंत में उपस्थित जनों ने माता सावित्रीबाई फुले के आदर्शों को अपनाने और समाज में शिक्षा व समानता को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।
Budaun Amarprabhat