बिल्सी। विकास खंड अंबियापुर की ग्राम पंचायत सहसपुर में पंचायत सहायक राजकुमारी की शिकायत पर हुई जांच में ग्राम प्रधान अंजली पाल को प्रथम दृष्टया दोषी पाया गया है। आरोप है कि प्रधान ने कार्यालय में सहायक को बैठने और उपस्थिति दर्ज कराने से रोका और जनवरी 2023 से उनका मानदेय भी भुगतान नहीं किया।
जिला पंचायत राज अधिकारी ने मामले में उ.प्र. पंचायत राज अधिनियम 1947 की धारा 95(1)(छ) के तहत ग्राम प्रधान की वित्तीय और प्रशासनिक शक्तियों पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। प्रधान द्वारा प्रस्तुत स्पष्टीकरण असंतोषजनक पाए जाने पर सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता बदायूं को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। इन्हें 15 दिन के भीतर जांच आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
साथ ही, ग्राम पंचायत के कार्यों के सुचारू संचालन के लिए त्रिसदस्यीय समिति गठन के आदेश जारी किए गए हैं। बीडीओ शैली गोविल ने बताया कि समिति का गठन शीघ्र किया जाएगा, उसके बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
Budaun Amarprabhat