दिल्ली। दिल्ली राउज़ एवेन्यू कोर्ट ने दिल्ली आबकारी नीति (शराब घोटाला) मामले में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया सहित सभी आरोपियों को सभी आरोपों से बरी कर दिया।
अदालत ने स्पष्ट किया कि CBI आरोपों के पक्ष में कोई ठोस या विश्वसनीय सबूत पेश करने में असफल रही, और ‘आपराधिक साज़िश’ तथा ‘भ्रष्टाचार’ के आरोप केवल संदेह पर आधारित थे।
मुख्य बिंदु:
सभी 23 आरोपियों, जिनमें आप नेता और निजी व्यवसायी शामिल थे, को डिस्चार्ज कर दिया गया।
अदालत ने माना कि नीति बनाने में किसी तरह की धांधली या रिश्वत का कोई प्रमाण नहीं मिला।
सरकारी खजाने को जानबूझकर नुकसान पहुँचाने का आरोप साबित नहीं हो सका, जिससे पूरा केस आधारहीन साबित हुआ।
AAP ने इस फैसले को नैतिक और राजनीतिक जीत बताया। मनीष सिसोदिया, जो 17 महीने जेल में रहे थे, और अरविंद केजरीवाल ने इसे सत्य की जीत करार दिया। इस निर्णय से पार्टी को आगामी चुनावों से पहले कानूनी और राजनीतिक राहत मिली है।
Budaun Amarprabhat