संवाददाता : गोविंद देवल
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में खाने के तेल, खासकर सरसों के तेल में बड़े पैमाने पर मिलावट का मामला सामने आया है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि विभाग (FSDA) की विशेष जांच में खुलासा हुआ कि कई जगहों पर सरसों के तेल में घटिया तेल मिलाकर बेचा जा रहा था। तेल को असली दिखाने के लिए उसमें रंग और झाग पैदा करने वाले केमिकल भी मिलाए जा रहे थे।
इस मामले में विभाग ने कड़ी कार्रवाई करते हुए 38 तेल कंपनियों और फर्मों को नोटिस जारी किया है, जबकि उन्नाव और मुजफ्फरनगर में एफआईआर दर्ज कराई गई है।
होली और रमजान से पहले चलाया गया विशेष अभियान
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि विभाग की आयुक्त रोशन जैकब के निर्देश पर होली और रमजान को देखते हुए पूरे प्रदेश में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता जांचने के लिए विशेष अभियान चलाया गया। अभियान के तहत पहले पैकेज्ड पानी और उसके बाद तेल का कारोबार करने वाली यूनिटों की जांच की गई।
जांच में सामने आईं कई गंभीर खामियां
जांच के दौरान कई यूनिटों में गंभीर अनियमितताएं पाई गईं। कुछ स्थानों पर सरसों के तेल में अन्य सस्ते और घटिया तेल मिलाए जा रहे थे। इसके अलावा तेल का रंग और झाग बढ़ाने के लिए रासायनिक पदार्थों का इस्तेमाल भी पाया गया, जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकते हैं।
दूसरे जिलों की टीमों से कराई गई जांच
संयुक्त खाद्य आयुक्त हरिशंकर सिंह ने बताया कि आयुक्त रोशन जैकब के निर्देश पर बड़े स्तर पर अभियान चलाया गया। पारदर्शिता बनाए रखने के लिए एक जिले की टीम को दूसरे जिले में भेजकर जांच कराई गई, ताकि निष्पक्ष कार्रवाई हो सके।
उन्होंने बताया कि जांच के दौरान कई फर्मों में मानकों का उल्लंघन पाया गया, जिसके बाद संबंधित कंपनियों और फर्मों को नोटिस जारी किया गया है। जिन मामलों में गंभीर गड़बड़ी सामने आई, वहां एफआईआर दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
विभाग ने साफ किया है कि मिलावटखोरों के खिलाफ आगे भी अभियान जारी रहेगा और दोषी पाए जाने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
Budaun Amarprabhat