संवाददाता : गोविंद देवल
बदायूं। पवित्र रमजान माह के तीसरे जुमा पर शुक्रवार को शहर सहित ग्रामीण क्षेत्रों की मस्जिदों में नमाज अकीदत और एहतराम के साथ अदा की गई। जुमा की नमाज के लिए सुबह से ही मस्जिदों में रोजेदारों और नमाजियों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। नमाज के बाद लोगों ने मुल्क की तरक्की, खुशहाली, सलामती और अमन-चैन के लिए दुआएं मांगी।
नमाज से पहले उलेमाओं ने रमजान की अहमियत, दूसरे अशरे की फजीलत, शब-ए-कद्र, एतकाफ, जकात और फितरे के महत्व पर तकरीर करते हुए रोजेदारों को इबादत और नेक कामों की तरफ प्रेरित किया। नमाज के बाद नमाजियों ने अल्लाह की बारगाह में हाथ उठाकर अपने गुनाहों की माफी मांगते हुए शुक्र अदा किया।
शहर के मोहल्ला फरशोरी टोला निवासी हाजी अब्दुल गफ्फार खान ने बताया कि रमजान का दूसरा अशरा ‘मगफिरत’ का होता है, जिसमें अल्लाह अपने बंदों के गुनाह माफ करता है। इस दौरान ज्यादा से ज्यादा तौबा और इस्तिगफार करना चाहिए।
शहर की जामा मस्जिद शम्सी, मदरसा आलिया कादरिया, फाटक वाली मस्जिद, चौधरी सराय मस्जिद, हाजी बुखारा साहब वाली मस्जिद, हजरत मेहंदी मियां साहब वाली मस्जिद, हजरत अली शहीद साहब वाली मस्जिद और मुंडी मस्जिद समेत अन्य मस्जिदों में रमजान के तीसरे जुमा की नमाज अकीदत के साथ अदा की गई।
इस दौरान मस्जिदों के आसपास शांति और व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्थानीय प्रशासन भी सतर्क नजर आया।
Budaun Amarprabhat