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संवाददाता अजय सिंह
लखनऊ। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को महत्वाकांक्षी ग्रीन कॉरिडोर परियोजना के दूसरे चरण का लोकार्पण करते हुए कहा कि इसके लिए मुख्यमंत्री Yogi Adityanath बधाई के पात्र हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में विकास अब केवल कागजों तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रदेशवासियों के जीवन में स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है।
रक्षामंत्री ने बताया कि आईआईएम रोड से आउटर रिंग रोड तक लगभग 28 किलोमीटर लंबे इस ग्रीन कॉरिडोर के निर्माण पर करीब 7000 करोड़ रुपये खर्च हो रहे हैं। इस परियोजना से लखनऊ के करीब 15 लाख लोगों को आवागमन में बड़ी सुविधा मिलेगी और जाम की समस्या से राहत मिलेगी। उन्होंने बताया कि परियोजना के निर्माण के दौरान रास्ते में आने वाले डेढ़ सौ से अधिक वृक्षों को काटने के बजाय दूसरी जगह स्थानांतरित किया गया, जो पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक सराहनीय कदम है।
उन्होंने कहा कि इस परियोजना में सेना की भूमि का भी उपयोग हुआ है और इसमें सिविल व रक्षा क्षेत्र ने मिलकर काम किया है। जमीन आवंटन को लेकर कुछ चुनौतियां थीं, जिन्हें आपसी तालमेल से दूर किया गया। उन्होंने कहा कि जब सिविल और डिफेंस क्षेत्र मिलकर कार्य करते हैं तो विकास की गति कई गुना बढ़ जाती है।
रक्षामंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में लखनऊ की तहजीब के साथ-साथ विकास की चर्चा देश ही नहीं बल्कि दुनिया में हो रही है। विदेशों में रहने वाले भारतवंशी भी जब लखनऊ आते हैं तो यहां के विकास को देखकर आश्चर्यचकित हो जाते हैं। उन्होंने बताया कि यूनेस्को द्वारा लखनऊ को ‘क्रिएटिव सिटी ऑफ गैस्ट्रोनॉमी’ का दर्जा दिया गया है, जो शहर की समृद्ध खानपान परंपरा का सम्मान है।
उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार में उत्तर प्रदेश तेजी से विकास की राह पर आगे बढ़ रहा है। लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे के बनने से दोनों शहरों के बीच की दूरी मात्र 35 से 45 मिनट में तय की जा सकेगी। इसके अलावा लखनऊ में अशोक लेलैंड के इलेक्ट्रिक वाहन संयंत्र से हजारों लोगों को रोजगार मिल रहा है, जिससे पर्यावरण अनुकूल परिवहन को भी बढ़ावा मिल रहा है।
रक्षामंत्री ने बताया कि उत्तर प्रदेश में डिफेंस कॉरिडोर की स्थापना के साथ कई रक्षा सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। जल्द ही ब्रह्मोस एयरोस्पेस की इंटीग्रेशन और टेस्टिंग फैसिलिटी भी प्रदेश में स्थापित होगी, जिससे देश की सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत होगी।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ प्रदेश में विकास के साथ-साथ स्वच्छता पर भी विशेष ध्यान दे रहे हैं। हर घर से कचरा उठाने की व्यवस्था की गई है और सीवेज सिस्टम को भी बेहतर बनाया जा रहा है। स्वच्छ सर्वेक्षण 2025 में लखनऊ को पूरे देश में तीसरा स्थान प्राप्त हुआ है। इसके अलावा लखनऊ के वैज्ञानिक विकास के लिए स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर और लखनऊ विकास प्राधिकरण के बीच एमओयू भी साइन किया गया है।
रक्षामंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में लखनऊ की सांस्कृतिक विरासत को सहेजते हुए शहर का तेजी से विकास किया जा रहा है और आने वाले समय में यह शहर देश के प्रमुख विकसित महानगरों में शामिल होगा।
Budaun Amarprabhat