डीएम के निर्देश पर मजिस्ट्रेट और पुलिस अधिकारी तैनात, श्रद्धालुओं की सुरक्षा को विशेष इंतजाम
बदायूं। ज्येष्ठ दशहरा (द्वितीया) पर्व के अवसर पर 24 जून को जनपद के विभिन्न गंगा एवं रामगंगा घाटों पर उमड़ने वाली श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन ने व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं। जिलाधिकारी अवनीश राय ने कानून-व्यवस्था एवं श्रद्धालुओं की सुरक्षा बनाए रखने के लिए विभिन्न घाटों पर सेक्टर एवं जोनल मजिस्ट्रेटों के साथ पुलिस अधिकारियों की तैनाती के निर्देश जारी किए हैं।
प्रशासन की ओर से कछला गंगा घाट, कछला पुल, अटेना घाट, सुकरी घाट, मलपुरा तेतेरा घाट, कुंवरपुर चौंदपुर घाट, भुंडी घाट, बेलाडांडी घाट, नगरिया खनू रामगंगा घाट, नौनी टिकन्ना रामगंगा घाट, हजरतपुर घाट, मुड़ा पुख्ता घाट तथा चिड़िया घाट सहित प्रमुख स्नान स्थलों पर अलग-अलग पालियों में अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है। संबंधित उप जिलाधिकारियों को अपने क्षेत्रों में लगातार भ्रमण कर व्यवस्थाओं की निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं।
जिलाधिकारी ने कहा कि सभी नामित मजिस्ट्रेट श्रद्धालुओं को गहरे पानी में जाने से रोकने के लिए विशेष सतर्कता बरतें। घाटों पर पब्लिक एड्रेस सिस्टम के माध्यम से लगातार सुरक्षा संबंधी संदेश प्रसारित किए जाएंगे। गोताखोर, नाविक एवं पीएसी के जवान भी मुस्तैद रहेंगे और श्रद्धालुओं को सुरक्षित स्नान के लिए जागरूक करेंगे।
नगर मजिस्ट्रेट एवं उप नियंत्रक नागरिक सुरक्षा को घाटों पर नागरिक सुरक्षा कोर के स्वयंसेवकों की तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं अपर जिलाधिकारी एवं प्रभारी अधिकारी स्थानीय निकाय को साफ-सफाई, पेयजल, मोबाइल शौचालय, वाटर टैंकर तथा कैटल कैचर की समुचित व्यवस्था कराने के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को निराश्रित गोवंशों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने तथा उनके लिए अस्थायी व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है। परिवहन विभाग को अवैध वाहनों के विरुद्ध कार्रवाई करने तथा श्रद्धालुओं को अधिकृत एवं सुरक्षित वाहनों से यात्रा करने के लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन द्वारा घाटों पर बैरिकेडिंग, गहरे एवं खतरनाक जल क्षेत्रों का चिन्हांकन, चेतावनी बोर्ड, प्रकाश व्यवस्था, सीसीटीवी कैमरे, सोलर लाइट, कंट्रोल रूम, पार्किंग स्थलों का निर्धारण तथा पर्याप्त संख्या में नावों की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है। अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए छायादार टेंट तथा अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था भी रहेगी।
जिलाधिकारी अवनीश राय ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश देते हुए कहा कि श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम एवं व्यवस्थित स्नान सुविधा उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने चेतावनी दी कि किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारी के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
Budaun Amarprabhat