बदायूं। उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल, बदायूं के जिलाध्यक्ष के. बी. गुप्ता ने देश के छोटे, खुदरा एवं मध्यम व्यापारियों के हितों की वकालत करते हुए 2,000 से अधिक के यूपीआई लेन-देन पर प्रस्तावित एमडीआर शुल्क को तत्काल वापस लेने की मांग की है। उन्होंने व्यापारियों के लिए यूपीआई भुगतान व्यवस्था को पूरी तरह निःशुल्क बनाए रखने का आग्रह किया है।
केबी गुप्ता ने कहा कि वर्तमान दौर में छोटे दुकानदार पहले से ही ई-कॉमर्स की प्रतिस्पर्धा, दुकान का किराया, बिजली बिल, कर्मचारियों के वेतन और बेहद सीमित लाभांश जैसी आर्थिक चुनौतियों से जूझ रहे हैं। ऐसे में डिजिटल ट्रांजेक्शन पर अतिरिक्त शुल्क लगाने से व्यापारियों की आय पर सीधा प्रतिकूल असर पड़ेगा। उन्होंने चिंता जताई कि अतिरिक्त भार पड़ने पर व्यापारी और ग्राहक दोबारा नकद लेन-देन की ओर लौट सकते हैं, जिससे डिजिटल इंडिया और पारदर्शी अर्थव्यवस्था के उद्देश्य को झटका लगेगा।
व्यापार मंडल ने सरकार से प्रमुखता से मांग की है कि 2,000 से अधिक के UPI लेन-देन पर प्रस्तावित शुल्क या MDR की योजना तुरंत वापस ली जाए। छोटे व मध्यम कारोबारियों के लिए यूपीआई व्यवस्था को पहले की तरह पूरी तरह निःशुल्क रखा जाए। शुल्क नीति में किसी भी बदलाव से पूर्व व्यापारी संगठनों के साथ विचार-विमर्श किया जाए।
उन्होंने अपील की कि देश के करोड़ों छोटे व्यापारियों के हित में सहानुभूतिपूर्वक निर्णय लेते हुए वर्तमान सरल व किफायती डिजिटल भुगतान प्रणाली को यथावत जारी रखा जाए।
Budaun Amarprabhat