बिसौली। आदि माता काली शक्ति पीठ, शिव मंदिर प्रांगण में चल रहे पंचकुंडीय श्री लक्ष्मी नारायण महायज्ञ का तृतीय दिवस भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक को संत कुंज आश्रम, सतना से पधारे पूज्य श्री श्री 1008 राधेश्याम महाराज जी ने वेद मंत्रों की दिव्यता से वातावरण को पवित्र किया। उनके प्रवचन से श्रद्धालुओं को आत्मिक शांति और प्रभु भक्ति का दिव्य अनुभव हुआ। गुरुगांव आश्रम के संत शरण महाराज ने ब्राह्मण सेवा को परम सेवा बताया। उन्होंने कहा— भगवान के बाद ब्राह्मण पूज्य हैं, वही धर्म और संस्कृति के संवाहक हैं। घृत आहुतियों की शुभ गंध, मंत्रोच्चार और भक्तों के ‘जय श्री लक्ष्मी नारायण’ के उद्घोष से यज्ञशाला भक्तिरस में डूबी रही। श्रद्धालुओं ने यज्ञपुरुष भगवान की परिक्रमा कर आशीर्वाद प्राप्त किया। इस मौके पर प्रमुख यजमान वीरेंद्र बाबूजी, पवन मिश्रा, अनुपम गुप्ता, कौशल शर्मा, राजेश मीना, डॉ. अजीत सहित सेवादार मनु, राजा, संदीप, हरपाल गिरी आदि भक्तगण मौजूद रहे।
Budaun Amarprabhat