पृथ्वी पर संकट आने पर अवतार लेकर दूर करते हैं भगवान
बिल्सी। नगर के शिव शक्ति भवन मंदिर में संगीतमय श्रीमद्भागवत महापुराण कथा के दूसरे दिन कथा व्यास आचार्य उमंग दीक्षित ने अपने मुखारविद से प्रभु के हो जाओ, प्रभु के लिए करो, प्रभु का ही नाम स्मरण करो, यही कल्याण का सूत्र है। अनंत जन्म बीत गए कितु 84 के चक्कर से नहीं निकल सके निरंतर अभ्यास एवं चितन की आवश्यकता है कि मैं केवल भगवान का हूं और मेरे ऊपर केवल भगवान का अधिकार है। संसार के जितने संबंध हैं उनके प्रति केवल कर्तव्य निर्वाह करते हुए प्रेम व समर्पण केवल भगवान के प्रति करना है जितने भी कर्म हमारे जीवन में हों उनमें मूल उद्देश्य भगवान की प्रसन्नता ही हो ऐसा होने से हम अपने जीवन में फिर वो कर्म नही कर सकते जो अधर्म युक्त हो क्योंकि भगवान धर्म विग्रह हैं। आचार्य ने भगवान के 24 अवतारों का वर्णन किया। जब-जब पृथ्वी पर कोई संकट आता है तो भगवान अवतार लेकर उस संकट को दूर करते हैं। भगवान शिव और भगवान विष्णु ने कई बार पृथ्वी पर अवतार लिया है। आज हम भगवान विष्णु के 24 अवतारों के बारे में जानेंगे। इनमें से 23 अवतार अब तक पृथ्वी पर अवतरित हो चुके हैं जबकि 24वां अवतार ‘कल्कि अवतार’ के रूप में होना बाकी है। इन 24 अवतार में से 10 अवतार विष्णु जी के मुख्य अवतार माने जाते हैं। यह हैं मत्स्य अवतार, कूर्म अवतार, वराह अवतार, नृसिंह अवतार, वामन अवतार, परशुराम अवतार, राम अवतार, कृष्ण अवतार, बुद्ध अवतार, कल्कि अवतार। इस मौके पर काफी लोग मौजूद रहे।
Budaun Amarprabhat