उसावां विकास खंड उसावां की ग्राम पंचायत सरेली में गौशाला सिर्फ कागजों तक ही सीमित है यहां मौके पर गौशाला में एक भी गौवंश नहीं है जब कि लाखों रुपया प्रधान, सचिव गौवंश के नाम पर निकाल कर खा रहे है जब किसी ग्रामीण ने पत्रकारों को गोपनीय सूचना दी कि हमारी ग्राम पंचायत सरेली गंगा के किनारे पर बांध के पास स्थिति कटरी में है यहां कोई सचिव पशु चिकित्साधिकारी या अन्य ब्लॉक स्तर के अधिकारी कर्मचारी कभी भी कोई देखने ही नहीं आते है और गौवंशो गौशाला के नाम पर लाखों रुपए के बारे न्यारे कर लिए जाते है जब इस संबंध में ग्राम पंचायत सचिव से जानकारी की गई तो उन्होंने बताया कि मुझे कुछ नहीं पता है कि गौवंश है या नहीं तो सवाल यह खड़ा होता है कि इतनी बड़ी गौशाला का भुगतान बिना सचिव के द्वारा कैसे हो रहा ओर सचिव अनभिज्ञ है इधर जब ग्राम प्रधान विश्व नाथ यादव से बात की तो उन्होंने बताया कि समर सेविल का तार टूट गया तो पानी गंगा पर पिलाने का बहाना बनाने लगे जब कि न तो गौशाला में भूसा न चारा न ही पानी,लाइट की कोई समुचित व्यवस्था एक कटा ड्रम कई महीने से उल्टा पढ़ा कीचड़ में दिखाई दे रहा था यह गौशाला बया खुद कर रही की यहां की गौशाला में गौवंश कई महीने से नहीं है अगर गौशाला चल रही होती तो गोबर चारा भूषा कुछ तो दिखाई देता वहां कोई केयर टेकर भी मौजूद नहीं मिला दबी जुवान से लोगो ने बताया कि यहां गौशाला कई महीनों से बंद पढ़ी है गौशाला के नाम पर सभी अधिकारी कर्मचारी मिलकर लाखों रुपए का गवन कर रहे है इसकी जिला स्तर से जांच कराई जाए तो पोल खुलकर सामने आ जाएगी यहां सचिव उवैस आते ही नहीं है कभी अपने एक गुर्गे को भेजकर फोटो आदि कागजात की भरपाई करा लेते है ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से मांग की है कि प्रधान / सचिव व पशु चिकित्साधिकारी उसावां की गौशाला संबंधित अधिकारी कर्मचारियों की जांच कर उचित कार्यवाही कर�
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