जब जिंदगी का बोझ असहनीय हुआ, मासूम संग खत्म हो गई एक खुशहाल दुनिया
👉शाहजहांपुर, उत्तर प्रदेश में एक दिल दहला देने वाली घटना में सामने आई है।पुलिस के मुताबिक, आर्थिक तंगी और कर्ज से परेशान दंपति ने पहले अपने बेटे को जहरीला पदार्थ खिलाया और फिर अलग-अलग कमरों में फांसी लगा ली। यह घटना मंगलवार रात की है, जिसका पता बुधवार सुबह चला जब परिजन उनके घर की दूसरी मंजिल पर पहुंचे।
👉सुसाइड नोट में सचिन ने लिखा, “मैं बहुत परेशान हूं, मुझ पर बहुत कर्ज हो गया है। अलग-अलग लोगों से कर्ज लिया है और आमदनी नहीं हो रही। मानसिक रूप से बहुत परेशान हूं। किसी ने बुरे वक्त में सहारा नहीं दिया।” नोट में यह भी कहा गया, “परिजनों से कोई शिकायत नहीं है, सभी ने साथ दिया। हमारी कार और मकान बेचकर कर्ज चुका देना ताकि कोई यह न कहे कि हमारा कर्ज बाकी रह गया।” सचिन की मां ने बताया कि मंगलवार शाम को सचिन ने कहा था कि उसे पांच लाख रुपये बैंक में जमा करने हैं, जिनमें से तीन लाख का इंतजाम हो गया था।
👉शाहजहांपुर में पहले भी कर्ज और सूदखोरों से परेशान होकर आत्महत्या के मामले सामने आए हैं। जून 2021 में कच्चा कटरा मोहल्ले में दवा कारोबारी अखिलेश गुप्ता (42), उनकी पत्नी रिशु (39) और उनके दो बच्चों शिवांग (12) और हर्षिता (10) ने कर्ज और सूदखोरों के दबाव में फांसी लगा ली थी। उस मामले में सुसाइड नोट में सूदखोरों द्वारा 12 लाख रुपये के कर्ज के बदले 32 लाख रुपये वसूलने के बाद भी 70 लाख रुपये की मांग का खुलासा हुआ था। पुलिस ने उस मामले में एक सूदखोर को गिरफ्तार भी किया था।
👉वर्तमान मामले में पुलिस अधीक्षक राजेश द्विवेदी ने बताया कि शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और मामले की गहराई से जांच की जा रही है।
सवाददाता… काजल मिश्रा
Budaun Amarprabhat