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बिल्सी। तहसील क्षेत्र के यज्ञ तीर्थ गुधनी गांव स्थित प्रज्ञा यज्ञ मंदिर में आर्य समाज का साप्ताहिक सत्संग आयोजित किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत अथर्ववेद के मंत्रोच्चारण के साथ यज्ञ द्वारा हुई।
अंतरराष्ट्रीय वैदिक विद्वान आचार्य संजीव रूप ने यज्ञ कराते हुए कहा कि परमेश्वर निराकार है, इसलिए उसे किसी पदार्थ या वस्तु की आवश्यकता नहीं होती। आवश्यकता केवल शरीरधारी जीवात्मा को होती है।
उन्होंने कहा—
> “हम परमेश्वर को प्रत्यक्ष रूप से कुछ नहीं दे सकते, लेकिन यज्ञ ऐसा माध्यम है जिसके द्वारा आहुति रूप में दिया गया उत्तम पदार्थ समस्त प्राणियों तक पहुँचकर अंततः परमात्मा तक ही पहुँचता है। हर जीव में परमात्मा का वास है, इसलिए दीन-दुखियों, जरूरतमंदों और भूखे-प्यासे प्राणियों की सेवा करना ही वास्तविक पूजा है।”
आचार्या कुमारी तृप्ति शास्त्री ने वेदपाठ किया तथा कुमारी कोशिकीय आर्य ने भजन प्रस्तुत कर वातावरण को भक्तिमय बनाया।
कार्यक्रम में श्रीमती सूरजवती देवी, श्रीमती छाया रानी, अरुणा रानी, सरोज देवी, राकेश आर्य, लड्डू शर्मा, एवं आर्य संस्कार शाला गुरुकुल के बच्चे उपस्थित रहे।
– अमर प्रभात प्रतिनिधि, गोविन्द देवल
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Budaun Amarprabhat