संवाददाता : गोविंद देवल
बदायूं । विधानसभा क्षेत्र को अपनी ‘मां’ मानकर सेवा करने वाले भाजपा विधायक और पूर्व राज्य मंत्री महेश चंद्र गुप्ता दो युवकों की दर्दनाक सड़क दुर्घटना में मौत से गहरे दुखी हैं। ग्राम पुठी सराय निवासी अंशुल माथुर और शिवम मिश्रा की हादसे में मौत की जानकारी मिलने पर गुप्ता पीड़ित परिवारों से मिलने पहुंचे। परिजनों का दुख देखकर वह भावुक हो गए।
इसी घटना के बाद उन्होंने बड़ा फैसला लिया है—अब विधानसभा क्षेत्र के हर गांव में कैंप लगाकर दोपहिया वाहन चालकों को निःशुल्क हेलमेट वितरित किए जाएंगे। अभियान की शुरुआत वही उसी गांव से करेंगे जहां के युवकों की मौत हुई है। उन्होंने कहा कि यदि दोनों युवक हेलमेट पहने होते तो शायद उनकी जान बच सकती थी।
महेश गुप्ता ने कहा कि राजनीति उनके लिए जनता की सेवा का माध्यम है। चाहे आतंकवाद के खिलाफ आंदोलन में भोजन त्यागने की बात हो या सड़क दुर्घटनाओं में मौतें रोकने के लिए हेलमेट वितरण—हर मुद्दे पर वह लोगों के जीवन को प्राथमिकता देते आए हैं।
सोमवार को उन्होंने बताया कि हरीबोल सेवा समिति के माध्यम से वह पहले भी हजारों हेलमेट निःशुल्क बांट चुके हैं। लोगों से बार-बार आग्रह किया था कि हेलमेट जरूर पहनें, लेकिन अभी भी कई लोग अपनी सुरक्षा को नजरअंदाज कर रहे हैं। “जब कोई दुर्घटना में जाता है तो पूरा परिवार तबाह हो जाता है,” उन्होंने भावुक होते हुए कहा।
उन्होंने घोषणा की कि अब वह हर गांव जाएंगे, लोगों को जागरूक करेंगे और जिनके पास हेलमेट नहीं होगा उन्हें निःशुल्क हेलमेट उपलब्ध कराया जाएगा। साथ ही क्षेत्र की महिलाओं से भी अपील करेंगे कि बेटे-भाई-पति को बिना हेलमेट घर से न निकलने दें।
जीवन है बहुमूल्य : महेश
पूर्व मंत्री ने कहा कि हर जीवन कीमती है। हेलमेट न सिर्फ नियम है बल्कि जीवनरक्षक कवच है। “अगर एक भी व्यक्ति की जान बच सके तो मेरा यह अभियान सफल होगा,” उन्होंने कहा।
Budaun Amarprabhat