बदायूं | संवाददाता


बदायूं। संस्कृत महाविद्यालय एवं वैदामऊ वैदिक विद्यापीठ में मंगलवार, 23 दिसंबर 2025 को स्वामी श्रद्धानंद जी का बलिदान दिवस श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। कार्यक्रम का आयोजन विद्यालय के संस्थापक एवं जिला आर्य प्रतिनिधि सभा बदायूं के प्रधान आचार्य श्री वेदव्रत आर्य जी के संरक्षण में किया गया।
इस अवसर पर आयोजित विचार गोष्ठी में उपस्थित आर्य समाज के लोगों ने स्वामी श्रद्धानंद जी के बलिदान दिवस के उपलक्ष्य में अपने-अपने विचार रखे और उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। बाहर से आए भजन उपदेशक श्री ज्ञान सिंह जी ने अपने ओजस्वी भजनों के माध्यम से स्वामी श्रद्धानंद जी के जीवन, त्याग और बलिदान पर विस्तार से प्रकाश डाला।
विद्यालय के प्राचार्य आचार्य वेद मित्र आर्य जी ने स्वामी श्रद्धानंद जी द्वारा भारतीय शुद्धि सभा की स्थापना पर अपने विचार व्यक्त करते हुए उनके समाज सुधारक योगदान को रेखांकित किया। वहीं जिला आर्य प्रतिनिधि सभा के प्रधान आचार्य वेदव्रत आर्य जी ने स्वामी श्रद्धानंद जी को परावर्तन के अग्रदूत, समाज सुधारक, स्वतंत्रता सेनानी और शिक्षाविद बताते हुए कहा कि वे भारत के महान राष्ट्रभक्त संन्यासियों में अग्रणी थे। उन्होंने अंग्रेजी दासता से देश को मुक्त कराने, दलितों को उनके अधिकार दिलाने और पश्चिमी शिक्षा के स्थान पर वैदिक शिक्षा प्रणाली को बढ़ावा देने के लिए अनेक महत्वपूर्ण कार्य किए।
आचार्य वेदव्रत आर्य जी ने स्वदेशी, स्व-संस्कृति, समाज, स्व-भाषा, शिक्षा, नारी कल्याण, दलित उत्थान, वेद एवं धर्म के उत्थान पर विस्तार से अपने विचार रखे और कहा कि स्वामी श्रद्धानंद जी के विचार आज भी समाज के लिए प्रेरणास्रोत हैं। उन्होंने सभी से स्वामी श्रद्धानंद जी के बताए मार्ग का अनुसरण करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के अंत में आचार्य वेदव्रत आर्य जी ने सभी को आशीर्वाद दिया। शांति पाठ के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया।
Budaun Amarprabhat