संवाददाता : दानवीर सिंह
आसफपुर (बदायूं)। उत्तर प्रदेश सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति का असर भले ही व्यापक स्तर पर दिखाई दे रहा हो, लेकिन कुछ प्रभावशाली लोग अब भी नेतागिरी की आड़ में अपनी मनमानी से बाज नहीं आ रहे हैं। ऐसा ही एक मामला विकास खंड आसफपुर क्षेत्र के गांव बसौमी से सामने आया है, जहां एक किसान की निजी भूमि पर जबरन सरकारी नाला निर्माण कराने का प्रयास किया गया।
ग्रामीण किसान रामस्वरूप पुत्र पीतम्बर का आरोप है कि गांव के ही ठेकेदार आकाश पुत्र जयपाल ने उसके खेत से होकर सरकारी नाला बनवाने की कोशिश की। बिना किसी सहमति और वैधानिक प्रक्रिया के नाले का निर्माण शुरू करा दिया गया। जब किसान रामस्वरूप ने इसका विरोध करते हुए ठेकेदार से मौखिक शिकायत की, तो आकाश ने अकड़ भरे अंदाज में उल्टा झगड़ा-फसाद करने की कोशिश की।
पीड़ित किसान ने मामले की शिकायत संबंधित पुलिस से की। शिकायत मिलते ही पुलिस प्रशासन और राजस्व विभाग की टीम सक्रिय हुई। मौके पर पहुंची राजस्व टीम ने स्थिति का जायजा लिया, जिसके बाद अवैध रूप से कराए जा रहे नाला निर्माण कार्य को रुकवा दिया गया।
राजस्व विभाग से जुड़े जिम्मेदार अधिकारियों ने बताया कि किसान की निजी भूमि पर बिना वैधानिक अनुमति के किसी भी प्रकार का निर्माण नहीं किया जा सकता। पुलिस-प्रशासन की सख्ती के सामने ठेकेदार की दबंगई और जौमर्दी फिलहाल फीकी पड़ गई है।
इस मामले से क्षेत्र में चर्चा का माहौल है और ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते प्रशासन ने हस्तक्षेप न किया होता, तो एक किसान की जमीन पर जबरन कब्जे का रास्ता खुल सकता था। अब पीड़ित को न्याय मिलने की उम्मीद जगी है।
Budaun Amarprabhat