प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यूपी पुलिस के तथाकथित “हाफ एनकाउंटर” के तरीके पर कड़ी नाराजगी जताई है। कोर्ट ने साफ कहा कि कई मामलों में पुलिस अधिकारी बिना किसी ठोस वजह के हथियार का इस्तेमाल कर रहे हैं और जानबूझकर आरोपियों के घुटने के नीचे गोली मारी जा रही है।
हाईकोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि ऐसे मामले सामने आए हैं, जहां पुलिसकर्मी प्रमोशन पाने, बड़े अधिकारियों से तारीफ बटोरने या सोशल मीडिया पर मशहूर होने के लिए गोली चलाने जैसे गंभीर कदम उठा रहे हैं। कोर्ट ने इसे कानून के शासन के खिलाफ बताया।
HC ने दो टूक कहा कि किसी आरोपी को सजा देने का अधिकार सिर्फ न्यायपालिका के पास है, पुलिस के पास नहीं। पुलिस का काम कानून के दायरे में रहकर जांच करना और आरोपी को अदालत के सामने पेश करना है, न कि खुद ही जज बन जाना।
कोर्ट ने यह भी संकेत दिया कि इस तरह की कार्रवाई से न केवल पुलिस की छवि खराब होती है, बल्कि आम जनता का कानून और व्यवस्था पर भरोसा भी कमजोर पड़ता है। हाईकोर्ट की इस सख्त टिप्पणी को पुलिस की कार्यप्रणाली पर बड़ा संदेश माना जा रहा है।
Budaun Amarprabhat