त्बिलिसी (जॉर्जिया)।
भारत–जॉर्जिया सांस्कृतिक संबंधों को नई मजबूती देते हुए भारतीय लेखिका कविता अरोरा की पाँचवीं पुस्तक ‘शाम की टपरी’ का अंतरराष्ट्रीय विमोचन जॉर्जिया के प्रतिष्ठित रूस्तावली नेशनल थिएटर में किया गया। यह विमोचन थिएटर के डायरेक्टर गियोर्गी तेवज़ाद्ज़े द्वारा किया गया।
सीडीपीएफ (CDPF) चेयरमैन दारिस्पन पाराशर के विशेष आमंत्रण पर कविता अरोरा जॉर्जिया पहुँची थीं। नाट्य प्रस्तुति के बाद आयोजित इस कार्यक्रम में पुस्तक का विमोचन आई-पैड पर पुस्तक की छवि प्रदर्शित कर किया गया, जिसे दर्शकों और कलाकारों ने विशेष रूप से सराहा।
इस अवसर पर डायरेक्टर गियोर्गी तेवज़ाद्ज़े ने ‘शाम की टपरी’ को जॉर्जियन भाषा में अनूदित कराने की इच्छा भी व्यक्त की। उन्होंने भारतीय साहित्य को विश्व पटल पर महत्वपूर्ण बताते हुए ऐसे सांस्कृतिक संवाद को और आगे बढ़ाने की बात कही।
उल्लेखनीय है कि कविता अरोरा की इससे पहले प्रकाशित कृतियाँ ‘पैबंद की हँसी’, ‘चाँद का शरगा’, ‘काग़ज़ के नीले साहिल’ और ‘स्याही सने सपने’ साहित्य जगत में अपनी अलग पहचान बना चुकी हैं। वर्तमान में लेखिका पिछले ढाई महीनों से जॉर्जिया में प्रवासरत हैं।
यह आयोजन भारत और जॉर्जिया के बीच सांस्कृतिक आत्मीयता और साहित्यिक सहयोग का सशक्त उदाहरण बनकर सामने आया।
Budaun Amarprabhat