बदायूँ | संवाददाता: गोविंद देवल
गुरुवार को जनपद बदायूँ के ग्राम दियूरीजित में किसान सभा का आयोजन किया गया, जिसमें किसानों को उन्नत और पर्यावरण अनुकूल कृषि तकनीकों की जानकारी दी गई। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राज्य विपणन प्रबंधक यतेंद्र तेवतिया ने किसानों से रासायनिक उर्वरकों की खपत कम करने की अपील की और वैज्ञानिक शोधों से सिद्ध वैकल्पिक तकनीकों को अपनाने पर जोर दिया।
उन्होंने बताया कि जैविक उर्वरक, नैनो यूरिया, नैनो डीएपी और जल में घुलनशील उत्पाद न केवल फसलों के लिए लाभकारी हैं, बल्कि पर्यावरण के लिए भी सुरक्षित हैं। कार्यक्रम के उपरांत किसानों को अशोक शर्मा के आलू के खेत का भ्रमण कराया गया, जहां नैनो डीएपी के प्रयोग से डीएपी की मात्रा आधी करने के बावजूद बेहतर परिणाम प्राप्त किए गए हैं।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित कर्मचारियों और किसानों को रासायनिक उर्वरकों पर मिलने वाली सरकारी सब्सिडी की भी जानकारी दी गई। डीजीएम इफको लखनऊ जसवीर सिंह ने मिट्टी परीक्षण के आधार पर संतुलित उर्वरक प्रयोग की उपयोगिता पर प्रकाश डाला।
उप महाप्रबंधक इफको लखनऊ एस.पी. सिंह ने नैनो डीएपी से बीज उपचार की तकनीक की विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि मक्का की फसल की बुआई से पूर्व प्रति किलोग्राम बीज पर 10 मिली नैनो डीएपी के प्रयोग से बेहतर जमाव और उत्पादन प्राप्त होता है।
कार्यक्रम का संचालन क्षेत्र प्रबंधक इफको बदायूँ जितेंद्र कुमार ने किया। किसान सभा में बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे और उन्होंने नई तकनीकों को अपनाने में रुचि दिखाई।
Budaun Amarprabhat