कलान।
शिक्षा के साथ-साथ हुनर और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने की दिशा में कंपोजिट विद्यालय जखिया कलां में “प्रोजेक्ट हुनर” के अंतर्गत प्रेरणादायक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों की छिपी प्रतिभाओं को निखारना और उन्हें आगे बढ़ने के लिए मंच प्रदान करना रहा।
कार्यक्रम में बच्चों द्वारा बनाई गई पेंटिंग्स और अन्य कलाकृतियों ने सभी का ध्यान आकर्षित किया। ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों की रचनात्मकता देखकर अतिथियों ने सराहना की और कहा कि सही मार्गदर्शन मिलने पर ये बच्चे भी अपनी प्रतिभा से पहचान बना सकते हैं।
इस अवसर पर प्रसिद्ध इंजीनियर एवं सामाजिक कार्यकर्ता, ड्रोन फ्रूट किसान भाई अंशुल मिश्रा और उनके भाई किशन मिश्रा बतौर मुख्य अतिथि मौजूद रहे। अतिथियों ने बच्चों की कलाकृतियों का अवलोकन किया और उन्हें बेस प्राइस से अधिक मूल्य पर खरीदकर बच्चों के हुनर को न सिर्फ सम्मान दिया, बल्कि आर्थिक सहयोग भी प्रदान किया। इससे बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ा और उन्हें अपने हुनर से आय अर्जित करने का अनुभव मिला।
अतिथियों ने बच्चों से संवाद करते हुए कहा कि आज के समय में पढ़ाई के साथ-साथ कौशल विकास बेहद जरूरी है। प्रोजेक्ट हुनर जैसी पहल बच्चों को आत्मनिर्भर बनने की दिशा में प्रेरित करती है और उनके भीतर छिपी रचनात्मक क्षमताओं को उजागर करती है।
विद्यालय प्रशासन ने बताया कि प्रोजेक्ट हुनर को उद्देश्यिका डिजीस्कूल के सहयोग से 14 जनवरी को लॉन्च किया गया था। इस परियोजना का उद्देश्य बच्चों के हुनर को निखारना, उन्हें मंच देना और आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। विद्यालय परिवार ने अतिथियों के सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम के अंत में यह संदेश दिया गया कि जब समाज शिक्षा, कौशल और संवेदनशीलता के साथ मिलकर कार्य करता है, तो सशक्त और आत्मनिर्भर भारत का निर्माण संभव है। बच्चों की मुस्कान और आत्मविश्वास इस बात का प्रमाण था कि प्रोजेक्ट हुनर अपने उद्देश्य की ओर निरंतर आगे बढ़ रहा है।
Budaun Amarprabhat