बदायूं।
कछला गंगा घाट पार जाटव समाज धर्मशाला में महंत जयरामदास की अध्यक्षता में जाटव समाज की एक अहम बैठक का आयोजन किया गया। बैठक का संचालन ओमकार सिंह एडवोकेट ने किया। बैठक में धर्मशाला के संचालन, अनुशासन और व्यवस्था को लेकर कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किए गए।
बैठक में दीन नगर शेखपुर के ग्राम प्रधान सुरेश ने प्रस्ताव रखा कि धर्मशाला परिसर में मलूकदास बाबा द्वारा की जा रही कथित अशोभनीय गतिविधियों को देखते हुए उन्हें तत्काल धर्मशाला से बाहर किया जाए। साथ ही धर्मशाला की दुकानों को किराये पर देने, धर्मशाला में किसी संस्था अथवा अन्य समाज के लोगों को न ठहरने देने तथा संपूर्ण निगरानी और संचालन संचालक मंडल के अधीन रखने का निर्णय लिया गया।
बैठक में संचालक मंडल का गठन करते हुए ओमकार सिंह एडवोकेट (बदायूं), डॉ. नेत्रपाल सिंह सैलानी (पत्रकार, कोल्हाई), सुरेश चंद्र (प्रधान, दीन नगर शेखपुर), सुभाष बाबू (दीन नगर शेखपुर) और प्रेमपाल सिंह (नरसेना) को सर्वसम्मति से चुना गया।
कमेटी का संरक्षक नरेश पाल सिंह, खंड विकास अधिकारी बदायूं को बनाया गया। वहीं महंत जयरामदास बाबा को प्रबंधक, विजेंद्र दास बाबा को उप-प्रबंधक तथा रामेश्वर दास बाबा को रसोई प्रभारी नियुक्त किया गया।
बैठक में निर्णय लिया गया कि धर्मशाला की समस्त गतिविधियां अब संचालक मंडल की निगरानी में संचालित होंगी। मलूकदास बाबा को तत्काल प्रभाव से धर्मशाला से बाहर करने का प्रस्ताव भी पारित किया गया।
इस अवसर पर दर्जनभर से अधिक साधु-संतों के साथ-साथ करीब पांच दर्जन जाटव समाज के लोग उपस्थित रहे। बैठक के अंत में अध्यक्ष महंत जयरामदास ने सभी साधु-संतों और समाज के लोगों का आभार व्यक्त करते हुए बताया कि धर्मशाला में आगे सभी कार्यक्रम संचालक मंडल की देखरेख में होंगे और अन्य समाज के लोगों को ठहरने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
उन्होंने आगामी 15 मार्च 2026, दिन रविवार को पुनः बैठक आयोजित करने की घोषणा की। बैठक में पारित सभी प्रस्तावों को तत्काल प्रभाव से लागू करने का निर्णय लिया गया।
Budaun Amarprabhat