नारेबाजी के बीच खाद्य सुरक्षा कार्यालय पर ज्ञापन प्रेषित
संवाददाता: गोविंद देवल, बदायूं | 17 फरवरी
उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल उत्तर प्रदेश के प्रांतीय आह्वान पर सोमवार को जिलाध्यक्ष नवनीत गुप्ता शोंटू, प्रदेश मंत्री अवधेश वर्मा एवं जिला महामंत्री हाजी राशिद सैफी के संयुक्त नेतृत्व में दर्जनों व्यापारियों ने खाद्य विभाग की कथित विसंगतियों के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया।
व्यापारियों ने गगनभेदी नारेबाजी करते हुए मुख्य कार्यकारी अधिकारी, Food Safety and Standards Authority of India, नई दिल्ली के नाम संबोधित 18 सूत्रीय मांगपत्र जिला मुख्यालय स्थित खाद्य सुरक्षा एवं औषधि कार्यालय पर सहायक आयुक्त ग्रेड-2 सी.एल. यादव को सौंपा।
टर्नओवर सीमा बढ़ाने की मांग
जिलाध्यक्ष नवनीत गुप्ता शोंटू ने कहा कि खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के अंतर्गत रजिस्ट्रेशन की वर्तमान 12 लाख वार्षिक टर्नओवर सीमा को बढ़ाकर 40 लाख किया जाए। साथ ही लाइसेंस न होने पर सजा का प्रावधान समाप्त किया जाए। उन्होंने ऑनलाइन व फूड चेन सप्लाई करने वाले सभी व्यक्तियों का अनिवार्य रजिस्ट्रेशन कराने की मांग भी उठाई।
प्रदेश मंत्री पवन जैन ने प्रत्येक जिले में एक ही रजिस्ट्रेशन अथॉरिटी नियुक्त करने तथा कमी पाए जाने पर केवल पैकिंग फर्म या निर्माता को जिम्मेदार ठहराने की मांग की। उन्होंने कहा कि होलसेलर व रिटेलर को अनावश्यक दंडित न किया जाए और ऑनलाइन फूड सप्लाई की सैंपलिंग भी नियमानुसार हो।
सैंपलिंग प्रक्रिया में पारदर्शिता पर जोर
प्रदेश मंत्री अवधेश वर्मा ने कहा कि सैंपल भरते समय फार्म-5 क पूरी तरह भरकर व्यापारी को मौके पर दिया जाए तथा लिए गए नमूने का भुगतान सुनिश्चित किया जाए। सीलबंद वस्तु के सैंपल की स्थिति में निर्माता को पंजीकृत डाक से सूचना भेजी जाए और सैंपलिंग के समय व्यापार मंडल पदाधिकारियों को बुलाया जाए।
जिला महामंत्री हाजी राशिद सैफी ने फर्जी शिकायतों के आधार पर हो रही सैंपलिंग पर रोक लगाने की मांग की। उन्होंने ‘एक देश, एक कानून, एक अधिकारी’ की व्यवस्था लागू करने की बात कही।
रिटर्न व जुर्माने में राहत की मांग
जिला उपाध्यक्ष रूपेंद्र सिंह लांबा ने कहा कि 5 करोड़ तक टर्नओवर वाले निर्माताओं से ऑनलाइन वार्षिक व छमाही रिटर्न की व्यवस्था समाप्त की जाए। विलंब पर 100 रुपये प्रतिदिन लेट फीस और भारी जुर्माने से व्यापारी परेशान हैं। समाधान योजना चलाकर पूर्व जुर्माना माफ कर जमा धनराशि वापस की जाए।
जिला कोषाध्यक्ष अमित वैश्य ने कृषि में बढ़ते रासायनिक खाद व कीटनाशक के प्रयोग पर चिंता जताते हुए कहा कि वर्तमान परिस्थितियों के अनुसार खाद्य पदार्थों के मानक तय किए जाएं।
नगर चेयरमैन दिनेश गुप्ता ने मांग की कि जब तक नमूने में कोई हानिकारक तत्व सिद्ध न हो, उसे ‘असुरक्षित’ घोषित न किया जाए।
प्रदेश मंत्री भूपेंद्र गुप्ता ने न्याय निर्णयन प्रक्रिया में देरी पर सवाल उठाते हुए तकनीकी जानकार अधिकारियों की नियुक्ति की मांग की। वहीं जिला उपाध्यक्ष जावेद खान ने अधिनियम की धारा-69 के तहत शमन शुल्क व्यवस्था को प्रभावी रूप से लागू करने की बात कही।
नगर उपाध्यक्ष देवेंद्र गुप्ता ने खाद्य सुरक्षा अपील अभिकरण की स्थापना की मांग करते हुए कहा कि अपीलों की सुनवाई त्वरित होनी चाहिए।
प्रदर्शन में जिला महामंत्री संजीव आहूजा, उद्योग मंच जिलाध्यक्ष सर्वेश गुप्ता, राजेश गुप्ता, संजय रस्तोगी, दीपक सक्सेना, संजय शर्मा, नितिन गुप्ता, कुलदीप वैश्य, मनोज गुप्ता सहित अनेक व्यापारी मौजूद रहे।
Budaun Amarprabhat