कथा व्यास बोले— निष्काम भाव से श्रवण करने से होता है जीवन का उद्धार
संवाददाता: गोविंद देवल, बदायूं
शहर के लक्ष्मी नृसिंह मंदिर में चल रही सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा के छठे दिन भक्तिमय वातावरण में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। कथा व्यास आचार्य श्याम मिलन शास्त्री ने कहा कि श्रीमद्भागवत पुराण साक्षात भगवान की प्रत्यक्ष कृपा है। जो भक्त निष्काम भाव से इसका श्रवण करते हैं, उनका जीवन धन्य हो जाता है और उनका उद्धार सुनिश्चित होता है।
उन्होंने कहा कि कथा और सत्संग मानव जीवन के कल्याण का श्रेष्ठ माध्यम हैं। यदि जीवन की शुरुआत सद्मार्ग पर हो जाए तो भविष्य भी उज्ज्वल बनता है। कई जन्मों के संचित पुण्यों के बाद ही मनुष्य को भगवान की कथा सुनने का सौभाग्य प्राप्त होता है।
एक प्रसंग के माध्यम से उन्होंने बताया कि मानव जीवन पानी के बुलबुले की तरह क्षणभंगुर है, जो कब समाप्त हो जाए, कहा नहीं जा सकता। इसलिए प्रत्येक प्राणी को बिना समय गंवाए अपना मन भगवान की भक्ति में लगाना चाहिए।
कथा के दौरान भगवान के विवाहोत्सव का आयोजन बड़े धूमधाम से किया गया। वैवाहिक गीतों पर श्रद्धालु भाव-विभोर होकर झूम उठे और जमकर नृत्य किया।
कथा के मुख्य यजमान अर्जुन लाल गुप्ता ने वेदियों का पूजन एवं व्यासपीठ का सम्मान किया। पंडित आचार्य कृष्णकांत शास्त्री एवं उपाचार्य उदित शर्मा ने संयुक्त रूप से पूजन संपन्न कराया।
आरती में सीमा वैश्य, राधा गुप्ता, सुमन गुप्ता, पुष्पा देवी, सविता गुप्ता, सुमित कुमार, रामपाल गुप्ता, अशोक कुमार सहित सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भाग लेकर वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
Budaun Amarprabhat