
उघैती (बदायूं)। टीचर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के आह्वान पर टेट अनिवार्यता के विरोध में चल रहे आंदोलन के दूसरे चरण में सोमवार को उघैती थाना क्षेत्र के शिक्षकों ने अपने-अपने विद्यालयों में काली पट्टी बांधकर शिक्षण कार्य किया। शिक्षकों ने नियमित पठन-पाठन जारी रखते हुए सरकार के निर्णय के प्रति शांतिपूर्ण असहमति दर्ज कराई।
इस विरोध कार्यक्रम में उत्तर प्रदेशीय जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ, उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ, राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ और महिला शिक्षक संघ से जुड़े शिक्षक शामिल हुए। सभी संगठनों के पदाधिकारियों ने एक स्वर में कहा कि आरटीई एक्ट लागू होने से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को टेट की अनिवार्यता से मुक्त किया जाना चाहिए।
खितौरा में राजन यादव के नेतृत्व में शिक्षकों ने काली पट्टी बांधकर अपनी मांगों के समर्थन में प्रदर्शन किया। शिक्षकों का कहना है कि आरटीई लागू होने से पहले नियुक्त शिक्षकों पर टेट अनिवार्य करना न्यायसंगत नहीं है, क्योंकि उनकी नियुक्ति उस समय की नियमावली के अनुसार हुई थी।
शिक्षकों ने बताया कि काली पट्टी बांधकर शिक्षण कार्य करने का यह क्रम 25 फरवरी तक जारी रहेगा। इसके पश्चात आंदोलन के अगले चरण में जिला स्तर पर ज्ञापन सौंपकर शासन से टेट अनिवार्यता से राहत देने की मांग की जाएगी। शिक्षक संगठनों ने स्पष्ट किया कि उनका आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहेगा और विद्यार्थियों की पढ़ाई बाधित नहीं होने दी जाएगी। उन्होंने सरकार से वार्ता के माध्यम से समाधान निकालने की अपील भी की।
Budaun Amarprabhat