बिल्सी। तहसील क्षेत्र के गांव वनबेहटा स्थित शिवमंदिर परिसर में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का बृहस्पतिवार को श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ समापन हुआ। कथा के अंतिम दिन कथावाचक यतेंद्र ठाकुर महाराज ने सुदामा चरित्र का मार्मिक वर्णन करते हुए मित्रता, समानता और समर्पण का संदेश दिया। महाराज ने कहा कि सच्चा मित्र वही है जो विपत्ति में साथ खड़ा रहे और अपने मित्र को स्वयं से नीचे न बल्कि समकक्ष स्थान देने का प्रयास करे। मित्रता का आधार स्वार्थ नहीं, बल्कि सहयोग और त्याग होना चाहिए।
महाराज जी ने श्रद्धालुओं से आह्वान किया कि वे श्रीमद्भागवत के उपदेशों को अपने जीवन में उतारें, तभी कथा श्रवण सार्थक होगा और समाज धर्म की ओर अग्रसर होगा। उन्होंने बताया कि सात दिनों तक श्रद्धा भाव से कथा श्रवण करने से जीव का उद्धार होता है और कथा का आयोजन करने वाले भी पुण्य के भागी बनते हैं।
कथा स्थल पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। बीच-बीच में भक्तों ने अबीर-गुलाल उड़ाकर और नृत्य कर अपनी भक्ति व्यक्त की। समापन के अगले दिन शुक्रवार की दोपहर विशाल भंडारा आयोजित किया जाएगा। समापन अवसर पर उदयभान सिंह, मोनू ठाकुर, ओमवीर सिंह, बाबू सिंह, राजीव सिंह, रणवीर सिंह चौहान, यादराम शाक्य, अरुण सिंह, अर्जुन सिंह, हेमराज शाक्य, मिलाल शाक्य सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
Budaun Amarprabhat