
संवाददाता: गोविन्द देवल
बिसौली। भारत स्काउट और गाइड संस्था के तत्त्वावधान में संविलयन विद्यालय हर्रायपुर में चल रहे तीन दिवसीय स्काउट–गाइड शिविर का दूसरा दिन उत्साह और गतिविधियों से भरपूर रहा। इस दौरान बच्चों को प्राथमिक चिकित्सा, गांठें व बंधन, तंबू निर्माण, गैजेट्स निर्माण, आपदा प्रबंधन और माक ड्रिल की ट्रेनिंग दी गई।
राष्ट्रपति शिक्षक सम्मान से सम्मानित प्रधानाध्यापक कुंवरसेन ने स्काउट ध्वज फहराकर कार्यक्रम का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि स्काउटिंग जीवन में अनुशासन, सहनशीलता और कठिन परिस्थितियों में स्वयं को सक्षम बनाए रखने की कला सिखाती है। उन्होंने बच्चों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि “हिम्मत न हारें, आगे बढ़ें और लक्ष्य तक पहुंचें।”
पूर्व जिला ट्रेनिंग कमिश्नर संजिव कुमार शर्मा ने युवाओं में जोश भरते हुए बताया कि आपातकालीन परिस्थितियों में घबराहट सबसे बड़ा शत्रु है। उन्होंने कहा कि संकट की घड़ी में धैर्य बनाए रखें, जल्दबाजी में निर्णय न लें और उपलब्ध संसाधनों का समझदारी से प्रयोग करें।
शिक्षक उमेश चंद्र ने कहा कि स्काउटिंग युवाओं में देशभक्ति का जज्बा पैदा कर रही है और मुश्किल समय में लोगों की मदद करने की प्रेरणा देती है। शिक्षिका चित्रा अरोरा ने बताया कि बच्चों में अद्भुत क्षमता होती है और ट्रेनिंग के दौरान उन्हें आग में फंसे लोगों को निकालने, डूबते व्यक्तियों को बचाने, टैंट निर्माण, बिना बर्तन भोजन बनाने और गांठ-बंधन जैसी आवश्यक स्किल्स सिखाई गई।
इस अवसर पर हिमानी वार्ष्णेय, हेमलता और अंजुम बुशरा सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
Budaun Amarprabhat