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स्काउट-गाइड शिविर में बच्चों को सिखाए प्राथमिक उपचार और आपदा से बचाव के गुर

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गांठें-बंधन, तंबू निर्माण व घायल को सुरक्षित ले जाने की तकनीकें सीखीं
बदायूं। कंपोजिट विद्यालय असरासी में आयोजित त्रिदिवसीय स्काउट-गाइड प्रशिक्षण शिविर के दूसरे दिन विद्यार्थियों को गांठें-बंधन, प्राथमिक उपचार तथा घायल व्यक्ति को सुरक्षित ढंग से ले जाने की तकनीकें सिखाई गईं। प्रशिक्षकों ने बच्चों को आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के तरीके बताते हुए विभिन्न प्रकार की गांठें व बंधन बनाना तथा तंबू निर्माण का अभ्यास कराया। इस दौरान बच्चों ने उत्साह के साथ गगनचुंबी मीनारें भी तैयार कीं।
शिविर की शुरुआत वरिष्ठ शिक्षक कृष्ण पाल शाक्य द्वारा स्काउट ध्वज फहराकर की गई। उन्होंने कहा कि स्काउटिंग प्रशिक्षण से बच्चों में अनुशासन, जिम्मेदारी और समाज सेवा की भावना विकसित होती है, जिससे वे भविष्य में देश के श्रेष्ठ नागरिक बनते हैं।
स्काउट संस्था के पूर्व जिला प्रशिक्षण आयुक्त संजीव कुमार शर्मा ने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि स्काउटिंग जीवन जीने की कला है, जो कम संसाधनों में सुव्यवस्थित जीवन जीना सिखाती है। उन्होंने बाढ़, भूकंप और अन्य प्राकृतिक आपदाओं के समय स्वयं को तैयार रखने के साथ राहत एवं बचाव कार्यों से संबंधित प्रशिक्षण भी दिया।
उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ के ब्लॉक अध्यक्ष बृजेश यादव ने शिविर का निरीक्षण करते हुए बच्चों से अपनी ऊर्जा को राष्ट्रहित में लगाने का आह्वान किया। वहीं प्रधानाध्यापक डॉ. जुगल किशोर ने तंबू निर्माण, जंगलों में झोपड़ी तैयार करने तथा सीमित संसाधनों में जीवन जीने की कला का महत्व बताया।
इस मौके पर शिक्षिका बलगा इंटल सुमन, रूबी शर्मा, सरिता देवी, महफूज हुसैन, अजीम खान सहित अन्य शिक्षक मौजूद रहे।


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