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👉*पिछले 49 दिनों में 56 दुर्घटनाएं 30 की मौत 26 गंभीर रूप से घायल*
*लखनऊ।* बिजली कर्मचारी संगठन के प्रदेश महामंत्री देवेन्द्र कुमार पाण्डेय नें बताया कि संगठन द्वारा अपने पत्र दिनांक 29 मई 2026 के माध्यम से प्रबन्ध निदेशक उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन लिमिटेड शक्ति भवन लखनऊ को अवगत कराया गया था कि पावर कार्पोरेशन प्रबन्धन द्वारा अनुभवी आउटसोर्स कर्मचारियों की नियम विरुद्ध छटनी करने के कारण कर्मचारियों के भारी कमी होने से आउटसोर्स कर्मचारियों पर कार्य का अधिक भार पड़ने, अकुशल कर्मचारियों से लाइन का कार्य कराने तथा 01 गैंग ( 01 लाइनमैन + 01 पेट्रोल मैन / कुशल श्रमिक +2 अकुशल श्रमिक ) के स्थान पर 01 कर्मचारी को तैनात करने के कारण पिछले जहां उपभोक्ताओं को बिजली संकट का सामना करना पड़ रहा है वहीं पिछले 37 दिनों में 36 आउटसोर्स कर्मचारियों की दुर्घटनाएं हुई जिसमें 22 की मृत्यु हो गई तथा 14 गंभीर रूप से घायल हो गए।
उन्होंने कहा कि संगठन द्वारा निवेदन किया गया था कि उपभोक्ताओं को निर्बाध विद्युत आपूर्ति करने एवं दुर्घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए हटाए गए अनुभवी आउटसोर्स कर्मचारियों को कार्य पर वापस लिया जाए।
संगठन द्वारा मांग किया गया था कि पावर कारपोरेशन के आदेश दिनांक 15 मई 2017 एवं उपभोक्ताओं के दिन प्रतिदिन बढ़ती संख्या को ध्यान में रखकर कर्मचारियों कि तैनाती किया जाए तथा दुर्घटनाओं कि जांच कराकर दोषी के खिलाफ उचित कार्रवाई किया जाय, किंतु पावर कार्पोरेशन प्रबंधन द्वारा संगठन के बातों पर ध्यान नहीं दिया गया जिसके कारण पिछले 49 दिनों में 56 आउटसोर्स कर्मचारियों कि दुर्घटनाएं हो गई जिसमें से 30 कर्मचारियों की मृत्यु हो गई तथा 26 गंभीर रूप से घायल हो गए। जिसका उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन निविदा /संविदा कर्मचारी संघ लखनऊ घोर निन्दा करता है।
संगठन पदाधिकारियों ने कहा कि पावर कार्पोरेशन प्रबन्धन अपनी तानाशाही पर उतारू हैं जिसके कारण बिजली आउटसोर्स कर्मचारियों कि दिन प्रतिदिन हो रही दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने में पुरी तरह विफल तरह विफल है।
Budaun Amarprabhat