बदायूं। विद्यार्थियों में प्रकृति के प्रति अनुराग, पर्यावरण चेतना और वन्य जीव संरक्षण के महत्व को व्यावहारिक रूप से समझाने के उद्देश्य से स्थानीय मदर एथीना स्कूल द्वारा उत्तराखंड के प्रसिद्ध नैसर्गिक स्थल रामनगर के तीन दिवसीय शैक्षणिक एवं साहसिक भ्रमण का सफल आयोजन किया गया। इस यात्रा के दौरान विद्यार्थियों को प्रकृति के सुरम्य वातावरण में वन्य जीवों के प्राकृतिक आवास को करीब से जानने-समझने का अनूठा अवसर मिला।
भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क के निकटवर्ती वन्य क्षेत्रों में जंगल सफारी का आनंद लिया। सफारी के दौरान जब विद्यार्थियों ने स्वच्छंद विचरण करते हुए बाघ को बेहद नजदीक से देखा, तो उनका रोमांच और उत्साह चरम पर पहुंच गया। विद्यार्थियों के लिए यह अनुभव अत्यंत अविस्मरणीय रहा। इसके अलावा बच्चों ने प्रसिद्ध संग्रहालय का भी अवलोकन किया, जहां प्रदर्शित ऐतिहासिक साक्ष्यों, दुर्लभ तस्वीरों और पदचिह्नों के माध्यम से जैव विविधता और पारिस्थितिक संतुलन के वैज्ञानिक पहलुओं को गहराई से समझा।
इस अवसर पर विद्यालय की निदेशिका चयनिका सारस्वत ने सफल भ्रमण पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि वास्तविक शिक्षा केवल पाठ्यपुस्तकों और चारदीवारी तक सीमित नहीं होती। प्रकृति स्वयं में एक महान शिक्षिका है। ऐसे शैक्षणिक दौरों से बच्चों में पर्यावरण संरक्षण के प्रति गहरी संवेदना और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना जाग्रत होती है। वन्य जीवन की रक्षा करना हम सभी का नैतिक दायित्व है। इस भ्रमण से विद्यार्थियों ने ज्ञान और रोमांच के साथ जीवन के महत्वपूर्ण व्यावहारिक पाठ सीखे।
Budaun Amarprabhat